अपराध

'काम के दवाब में पति ने किया सुसाइड':कॉन्स्टेबल ने खुद के सिर में गोली मारी, पत्नी बोली-डायल 112 में नहीं करना चाहते थे काम

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
'काम के दवाब में पति ने किया सुसाइड':कॉन्स्टेबल ने खुद के सिर में गोली मारी, पत्नी बोली-डायल 112 में नहीं करना चाहते थे काम

“समीर अपनी पोस्टिंग और काम को लेकर संतुष्ट नहीं थे। उन्हें डायल 112 में टाइपिंग का काम दिया गया था, जबकि वह फील्ड में काम करना चाहते थे। काम के तनाव के कारण वो बहुत परेशान थे। इसी वजह से उन्होंने खुद को गोली मारी होगी…” ये कहना है समीर की पत्नी पूजा कुमारी का, जो पति की मौत के बाद सदमे में है।

उनकी हालत अभी खराब है। मृतक की पहचान भागलपुर के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के गंगापुर निवासी समीर कुमार (32) के रूप में हुई है। वो 2025 के अगस्त से किशनगंज पुलिस लाइन में तैनात थे। 2 महीने बाद उन्हें डायल 112 में शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, समीर ने रविवार सुबह करीब 8:15 बजे अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली।

घटना के बाद उन्हें किशनगंज सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के समय वह पुलिस लाइन के बैरक में थे। हालांकि, परिवार का कहना है- समीर ने ड्यूटी से परेशान होकर सुसाइड कर लिया है। फिलहाल, मृतक सिपाही की बॉडी को लेकर परिजन भागलपुर चले गए हैं। अब घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… दैनिक भास्कर की टीम ने इस मामले में समीर की पत्नी, साले, पिता, कांस्टेबल दोस्त समेत SP से बात की।

इस दौरान सभी के अलग-अलग थ्योरी सामने आए। पढ़िए ये 6 थ्योरी जिसमें पूरी कहानी निकलकर सामने आई है। हालांकि, अभी तक ये क्लियर नहीं हुआ है कि बैरक में हुआ क्या था?

थ्योरी नंबर 1 पत्नी बोली- काम के तनाव में पति ने किया सुसाइड समीर की पत्नी ने बताया, वो रोज सुबह करीब 4 बजे मुझे फोन करते थे। रविवार को नवरात्रि का पहला दिन था। इसी वजह से मैं जल्दी नहाकर पूजा करने मंदिर जाने की तैयारी कर रही थी। इस बीच उनका फोन आया तो मैंने करीब 15 मिनट तक बातचीत की।

इसके बाद मैंने उनसे कहा, मुझे मंदिर जाना है, लौटकर बात करूंगी। साथ ही उनसे भी ड्यूटी पर जाने के लिए तैयार होने को कहा। पत्नी के मुताबिक, उस समय मुझे जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनसे यह मेरी आखिरी बातचीत होगी। मैं सुबह करीब 6 बजे तक मंदिर में रहीं और 7 बजे तक घर लौट आई। इसके बाद सास-ससुर के लिए चाय-नाश्ता बनाया।

फिर बच्चों को खिलाकर करीब 9 बजे समीर को फोन करने की सोच रही थी, लेकिन इससे पहले ही मुझे थाना से फोन आ गया। उधर से बताया गया कि आपके पति की गोली लगने से मौत हो गई है। पत्नी ने बताया कि समीर पिछले कुछ समय से ड्यूटी को लेकर परेशान चल रहे थे। समीर को डायल 112 में टाइपिंग का काम करने के लिए बैठा दिया गया था, जबकि वह फील्ड में काम करना चाहते थे।

उनकी इच्छा के विपरीत यह जिम्मेदारी दी गई थी और काम का दबाव भी ज्यादा था। इसी तनाव में आकर उन्होंने सुसाइड किया होगा। समीर अगस्त 2025 में किशनगंज आए थे। शुरुआत में उनकी पोस्टिंग पुलिस लाइन में थी। इसके बाद करीब छह महीने पहले उन्हें टाउन थाना के डायल 112 में तैनात किया गया था। इससे पहले वह समस्तीपुर और मधुबनी में काम कर चुके थे।

बता दें कि समीर और पूजा की 2011 में शादी हुई थी। दोनों को एक 12 साल की लड़की और 8 साल का लड़का है। थ्योरी नंबर 2 चाचा बोले- पत्नी की बीमारी से था परेशान समीर के चाचा गनौरी दास पूर्णिया GRP में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया, रविवार सुबह करीब 9 बजे किशनगंज पुलिस लाइन से मेरे पास फोन आया।

फोन करने वालों ने बताया कि समीर को गोली लग गई है। मुझे शुरुआती जानकारी दी गई कि बंदूक साफ करने के दौरान गोली लगी है। कुछ दिनों से समीर की तबीयत भी ठीक नहीं थी। मौसम बदलने के कारण उन्हें बुखार था। वहीं, समीर की पत्नी का सिलीगुड़ी में इलाज चल रहा है। वह मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रही हैं।

इस वजह से भी समीर अक्सर चिंतित रहते थे। हालांकि, गनौरी दास ने साफ कहा कि पारिवारिक परेशानियों का होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि समीर ने आत्महत्या की होगी। उनके मुताबिक, समीर की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था।

थ्योरी नंबर 3 साला बोला- जांच हो कि समीर ने खुद गोली मारी या किसी और ने मारी समीर के साले प्रशांत ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, किशनगंज पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि जीजा ने खुद को गोली मारी या उन्हें किसी ने गोली मारी है। उनके मुताबिक, अभी घटना को लेकर सभी परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं।

जब तक घटनास्थल की जांच, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य जरूरी तथ्यों की पड़ताल नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फोन पर पत्नी से कहा था- तनाव में हूं, बाद में बात करूंगा समीर के चचेरे साले ने बताया, पुलिस की ओर से हमें जानकारी दी गई थी कि फोन पर बात करने के दौरान समीर के साथ हादसा हुआ है।

जीजा ने घटना से पहले सुबह करीब 8 बजे पत्नी (दीदी) से फोन पर बात की थी। इस बातचीत के दौरान जीजा ने दीदी से कहा था, वो थोड़ा काम को लेकर टेंशन में हैं बाद में बात करेंगे। इससे पहले 8 सितंबर को समीर जीजा ने दीदी से कहा था कि उनके सीनियर अधिकारी काम का दबाव बना रहे हैं। बार-बार हर काम को लेकर टोकते रहते हैं।

इसी वजह से वो परेशान थे। थ्योरी नंबर 4 दोस्त का दावा- कई बार कह चुके थे, जान दे दूंगा एक साथी कांस्टेबल ने बताया कि समीर कुमार ने देर रात खाना खाया और इसके बाद सोने चले गए। सुबह उठने के बाद वह अपनी पत्नी से मोबाइल पर बातचीत करने लगे। बातचीत के दौरान दोनों के बीच कहासुनी और लड़ाई-झगड़ा होने लगा।

इसी बीच समीर कुमार ने खुद को अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मार ली। साथी कांस्टेबल के अनुसार, समीर पिछले दो-तीन दिनों से परेशान नजर आ रहे थे। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से उनका अपनी पत्नी के साथ किसी न किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। थ्योरी नंबर 5 पिता बोले- ड्यूटी से परेशान था मेरा बेटा समीर के पिता नागेश्वर दास ने बताया कि उनका बेटा ड्यूटी के तनाव और काम के बोझ से परेशान रहता था।

वह फोन पर अपनी मां से भी यह परेशानी साझा करता था। दो छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। नागेश्वर दास रिटायर्ड टीचर हैं। उन्होंने अपने बेटे को पुलिस की वर्दी में देश और समाज की सेवा करते देखने का सपना संजोया था। बेटे की असामयिक मौत ने उनके बुढ़ापे के सहारे को छीन लिया। समीर अक्सर ड्यूटी के तनाव और काम के अत्यधिक बोझ की बात करता था।

समीर अपनी मां से फोन पर बात करते समय अपनी परेशानियां साझा करता था। वह कहता था कि ड्यूटी का तनाव बहुत ज्यादा रहता है और उससे काफी काम कराया जाता है। थ्योरी नंबर 6 एसपी बोले- सुबह 8:15 बजे हुई घटना, एफएसएल टीम जांच में जुटी किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि रविवार सुबह करीब 8:15 बजे कांस्टेबल समीर कुमार ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली।

घटना से पहले उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत की थी। घटना के बाद समीर को किशनगंज सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी थी। सूचना मिलने के बाद भागलपुर से उनके परिजन किशनगंज के लिए रवाना हुए। एसपी के मुताबिक, घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की विशेष टीम पहुंच रही थी।

शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। पुलिस की ओर से घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के लिए घटनास्थल की स्थिति, सर्विस रिवॉल्वर, गोली से जुड़े साक्ष्य, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। इसके अलावा समीर की हाल की ड्यूटी, छुट्टी से संबंधित रिकॉर्ड और उनके काम को लेकर की गई शिकायतों या बातचीत की भी पड़ताल की जा सकती है।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।