कम से कम 58,000 पेंशन की उम्मीद, कल 8वें वेतन आयोग की एक और बड़ी बैठक
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
8वें वेतन आयोग के लिए बातचीत की अगली बैठकें 7 सितंबर को चेन्नई में शुरू हो रही हैं.
दो दिनों तक चलने वाली इन बैठकों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के संगठनों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित पक्ष वेतन, पेंशन और भत्तों में बदलाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
हाल ही में जयपुर में हुई दो दिवसीय बैठक के बाद चेन्नई की यह बैठक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है.
चेन्नई में किन मुद्दों पर छिड़ेगी बहस?
पिछली बार की तरह इस बार भी बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा सालाना सैलरी इंक्रीमेंट का होगा.
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा 3% का इंक्रीमेंट नाकाफी है.
ऐसे में अब यूनियनों ने इसे बढ़ाकर 5% से 7% करने की मांग रखी है, जिससे बेसिक सैलरी में इजाफा हो.
कर्मचारी संगठन 7वें वेतन आयोग के 2.57 फिटमेंट फैक्टर के मुकाबले 8वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं ताकि मिनिमम बेसिक पे को 18,000 से बढ़ाया जा सके.
इस बैठक में पेंशनर संगठनों की ओर से पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग के साथ-साथ लेवल 4 से 7 तक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन दरों को बेहतर करने पर गहन चर्चा होगी.
बैठक में लॉजिस्टिक्स से संबंधित उन समस्याओं पर भी चर्चा करेंगे जिनका सामना केंद्र सरकार के कई कर्मचारियों को अपनी पोस्टिंग और ट्रांसफर के दौरान करना पड़ता है.
मिनिमम पेंशन में भी हो बढ़ोतरी
8वें वेतन आयोग के तहत पेंशनर्स के लिए पेंशन अमाउंट में भी बढ़ोतरी की मांग है.
उनकी मांग है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद लेवल 7 के कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर 58,000 या उससे भी अधिक की बेसिक पेंशन मिल सके.
इकोनॉमिक टाइम्स की हालिया रिपोर्ट और पेंशन कैलकुलेशन के फॉर्मूले के अनुसार, यह आंकड़ा पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार अंतिम रूप से कौन सा फिटमेंट फैक्टर तय करती है और कर्मचारी रिटायरमेंट के समय पे-मैट्रिक्स के किस स्टेज पर है. 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल 7 (ग्रेड पे 4600 रुपये) की शुरुआत
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar