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कामकाज में सरल हिंदी के प्रयोग से बढ़ेगा राजभाषा का प्रसार: संजय धर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कामकाज में सरल हिंदी के प्रयोग से बढ़ेगा राजभाषा का प्रसार: संजय धर

नराकास धर्मशाला एवं पंजाब नेशनल बैंक मंडल कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में काव्य गोष्ठी एवं राजभाषा समारोह आयोजित

अक्तूबर 09, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) धर्मशाला एवं पंजाब नेशनल बैंक मंडल कार्यालय धर्मशाला के संयुक्त तत्वावधान में काव्य गोष्ठी एवं राजभाषा समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के साथ कार्यालयों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।

इस अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक के उप महाप्रबंधक एवं नराकास के अध्यक्ष संजय धर ने कहा कि हिंदी हमारी भाषा और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। सरकारी एवं बैंकिंग कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए इसे सरल, सहज और व्यवहारिक बनाना आवश्यक है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से अपील की कि वे दैनिक कामकाज में कठिन शब्दावली के स्थान पर आम बोलचाल में प्रचलित सरल हिंदी का प्रयोग करें, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी सहजता से हिंदी में कार्य कर सकें।

उन्होंने बताया कि राजभाषा के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से उनके मंडल की 88 शाखाओं में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। काव्य गोष्ठी में आमंत्रित कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के माध्यम से हिंदी के प्रति सम्मान बढ़ाने और इसे कार्यालयी कामकाज का प्रभावी माध्यम बनाने का संदेश दिया गया।

बाईट: संजय धर, उप महाप्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक एवं अध्यक्ष, नराकास

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए काव्य गोष्ठी और राजभाषा समारोह के आयोजन के बारे में है। सरकार और बैंक के सहयोग से इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरल हिंदी के प्रयोग से राजभाषा के प्रसार को बढ़ाना है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि राजभाषा नीति के तहत सरल भाषा का प्रयोग बढ़ाने से लोगों को सरकारी दस्तावेज़ और सूचनाओं को आसानी से समझने में मदद मिलेगी। आम जनता पर इसका असर यह होगा कि सरकारी सेवाओं और शिक्षा में सरल हिंदी के इस्तेमाल से सूचना की पहुँच बढ़ेगी, जिससे नागरिकों का सशक्तिकरण और समावेशिता

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।