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कानपुर में 183 सड़कों के निर्माण का रास्ता हुआ साफ:नियम बदले तो 118 करोड़ के टेंडर में ठेकेदारों की होड़, 7 दिन में शुरू होगा निर्माण

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कानपुर में 183 सड़कों के निर्माण का रास्ता हुआ साफ:नियम बदले तो 118 करोड़ के टेंडर में ठेकेदारों की होड़, 7 दिन में शुरू होगा निर्माण

कानपुर में लंबे समय से टूटी पड़ी नगर निगम की प्रमुख सड़कों के निर्माण का रास्ता बुधवार को साफ हो गया। हॉट मिक्स प्लांट को लेकर नियमों में बदलाव और दूसरे विभागों के ठेकेदारों से लगातार समन्वय का असर भी 15वें वित्त आयोग के टेंडर में दिखाई दिया। शाम को टेंडर की वेबसाइट खुलते ही बड़ी संख्या में फॉर्म जमा हुए।

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तीन दिन में वर्कऑर्डर जारी कर दिए जाएं और एक सप्ताह के भीतर सड़कों का निर्माण शुरू कराया जाए। नगर निगम ने 118 करोड़ रुपए की लागत से 183 सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए थे। इनमें करीब 80 प्रतिशत तक टेंडरों के लिए फॉर्म आए हैं। एक-एक सड़क के निर्माण के लिए 5 से 9 तक ठेकेदारों ने हिस्सा लिया।

हॉट मिक्स प्लांट की अनिवार्यता खत्म होने से बढ़ा कंपटीशन इस बार टेंडर प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव हॉट मिक्स प्लांट को लेकर किया गया है। अब ठेकेदार के पास खुद का हॉट मिक्स प्लांट होना अनिवार्य नहीं है। नए नियमों के तहत ऐसे ठेकेदार भी योग्य होंगे, जिन्हें हॉट मिक्स प्लांट से सड़क निर्माण का अनुभव है।

जरूरत पड़ने पर ठेकेदार प्लांट किराए पर ले सकेंगे या दूसरे प्लांट संचालक से एग्रीमेंट कर सकेंगे।इस बदलाव के बाद दूसरे विभागों में काम करने वाले ठेकेदारों के लिए भी नगर निगम के विकास कार्यों में हिस्सा लेने का रास्ता खुल गया। इससे टेंडर प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। पहले तय होता था कौन किसका टेंडर डालेगा नगर निगम में पिछले कुछ सालों से टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

कुछ ठेकेदार आपसी गठजोड़ बनाकर टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेते थे और पहले से तय रहता था कि कौन ठेकेदार किस काम के लिए किस रेट पर टेंडर डालेगा। इससे कामों का बंटवारा हो जाता था। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने मामले में कार्रवाई की। हॉट मिक्स प्लांट के लिए गठित समिति के साथ ठेकेदारों के पंजीकरण के लिए बनी समिति को भी निरस्त किया गया।

करीब 200 करोड़ रुपए के टेंडर निरस्त कर नए नियमों के साथ प्रक्रिया शुरू की गई। इस बार सभी विभागों के ठेकेदारों को टेंडर में भाग लेने का अवसर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस बार ठेकेदारों ने अपनी प्रतिस्पर्धा के आधार पर अलग-अलग बिलो रेट डाले हैं। 109 नालों के लिए भी 50% से ज्यादा फॉर्म नगर निगम ने शहर में जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से 109 नालों के निर्माण के टेंडर भी निकाले थे।

इनके लिए भी 50 प्रतिशत से अधिक टेंडरों में फॉर्म जमा हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नालों का काम बाद में भी कराया जा सकता है, लेकिन खराब और खुदी पड़ी सड़कों का निर्माण प्राथमिकता पर है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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