अपराध

कानपुर में गड्ढों की हादसे वाली सड़क:काकादेव से गीता नगर चौराहे तक 1.5 किमी सड़क पर 350 गड्ढे, डेढ़ साल से बनने का इंतजार

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कानपुर में गड्ढों की हादसे वाली सड़क:काकादेव से गीता नगर चौराहे तक 1.5 किमी सड़क पर 350 गड्ढे, डेढ़ साल से बनने का इंतजार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कानपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। खराब सड़कों और जलभराव को लेकर अधिकारियों से सीधे सवाल किए और जिम्मेदारी तय करने के संकेत दिए। इसके बाद दैनिक भास्कर ने काकादेव से छपेड़ा पुलिया के बीच करीब 1.5 किमी सड़क का रियलिटी चेक किया।

मुख्यमंत्री के सवालों का जवाब इस सड़क की तस्वीरें खुद देती नजर आईं। करीब 1.5 किमी की सड़क में 100 से ज्यादा बड़े और 250 से अधिक छोटे गड्ढे मिले। कई जगह सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आए। सड़क किनारे नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में नजर आई। देखिए तस्वीरें...

सड़क बनवाने को लेकर कोई गंभीर नहीं यह वही इलाका है जहां राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल का आवास है। सांसद और विधायक भी इसी रास्ते से गुजरते हैं।

इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सड़क की हालत लगातार खराब है और जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं गया। ‘पता नहीं चलता सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क’ सड़क से गुजर रहे स्कूली बच्चों, बाइक और कार सवारों के लिए यह सड़क हादसों से भरी है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि गड्ढों से बचने के चक्कर में वाहन चालक अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। बारिश होने पर यही गड्ढे पानी से भर जाते हैं और उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

बच्चों को स्कूल ले जाने में डरते हैं राहगीर स्थानीय निवासी सोनी ने बताया कि देवकी रोड पर पिछले करीब एक साल से बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते समय कई बार गिरने की स्थिति बनी। उनका कहना है कि वाहन लेकर निकलना तक मुश्किल हो गया है और काकादेव क्षेत्र की कई सड़कें इसी तरह जर्जर हैं।

हादसों के बावजूद नहीं जागे अफसर स्थानीय निवासी राजकुमार ने बताया कि इस सड़क पर आए दिन ई-रिक्शा पलटते हैं और लोग घायल होते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार हादसे हो चुके हैं। जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसी सड़क से गुजरते हैं, लेकिन सड़क बनवाने को लेकर गंभीरता दिखाई नहीं देती।

पैदल चलना तक हो गया है मुश्किल रामबाबू ने बताया कि यहां बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से बाइक सवारों के साथ पैदल निकलने वालों को भी परेशानी होती है। उनका कहना है कि सड़क और जलभराव की शिकायत कई बार की गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।

बारिश में कीचड़, मौसम साफ तो उड़ती है धूल स्थानीय निवासी अमरजीत सागर ने बताया कि बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ और जलभराव हो जाता है। मौसम साफ होते ही वाहनों के गुजरने से धूल उड़ने लगती है। आसपास रहने वाले लोगों को धूल से सांस और एलर्जी जैसी परेशानियों का डर बना रहता है।

एंबुलेंस भी फंसती है, जाम से मरीज परेशान संजीव कुमार ने बताया कि इस सड़क के आसपास कई अस्पताल हैं। सड़क की खराब हालत और जाम के कारण मरीजों को लेकर जाने वाली एंबुलेंस भी कई बार फंस जाती हैं। गड्ढों के कारण सड़क का काफी हिस्सा खराब हो चुका है। कई जगह रास्ता संकरा हो गया है, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।

टैक्स पूरा, सुविधा अधूरी स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नगर निगम शहरवासियों से टैक्स वसूलता है तो उसके बदले सड़क, नाली, जल निकासी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं मिलतीं? लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, मरम्मत में देरी और बार-बार होने वाली खुदाई पर भी सवाल उठाए।

दैनिक भास्कर के रियलिटी चेक में सामने आई यह तस्वीर बताती है कि मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उठे सवाल सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं। काकादेव से छपेड़ा पुलिया तक सड़क पर हर गड्ढा शहर की व्यवस्था और जिम्मेदारों से एक ही सवाल पूछ रहा है आखिर इस सड़क की मरम्मत का इंतजार कब खत्म होगा?

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।