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कानपुर नगर निगम में 400 ठेकेदार जांच के घेरे में:अब CDO की टीम खोलेगी अफसरों और सिंडीकेट का राज, 10 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कानपुर नगर निगम में 400 ठेकेदार जांच के घेरे में:अब CDO की टीम खोलेगी अफसरों और सिंडीकेट का राज, 10 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

कानपुर नगर निगम में ठेकेदारों के सिंडिकेट और टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत की परतें खोलने के लिए जिला प्रशासन ने एक जांच समिति गठित कर दी है। सीडीओ अनुभव जे. जैन के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय समिति रजिस्टर्ड ठेकेदारों के दस्तावेजों और उनके कामकाज से लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच करेगी।

समिति को पांच दिनों के अंदर अंतरिम और 10 कार्य दिवस में अंतिम रिपोर्ट देनी होगी। नगर निगम में 125 करोड़ रुपये के ठेकों में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद शासन स्तर से सख्ती शुरू हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के बाद नगर निगम ने 5 फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।

इस बीच ठेकेदारों के खिलाफ भी दर्ज कराई गई हैं, जिनमें से दो को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। अभी सिंडिकेट का सरगना ठेकेदार गोविंद शर्मा फरार है। समिति में यह अधिकारी होंगे शामिल इस मामले को लेकर मंडलायुक्त कार्यालय में एक बैठक हुई, जिसमें नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय समेत कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।

मंडलायुक्त के निर्देशों पर गठित समिति में सीडीओ अनुभव जे.

जैन, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल पांडेय को शामिल किया गया है। 27 हॉट मिक्स प्लांट समेत 400 ठेकेदारों की जांच यह समिति नगर निगम में पंजीकृत हॉट मिक्स प्लांट के 27 ठेकेदारों समेत करीब 400 अन्य ठेकेदारों के रिकॉर्ड खंगालेगी।

ठेकेदारों के पंजीयन की प्रक्रिया, दस्तावेजों और वित्तीय वर्ष 2024-25 से अब तक कराए गए सभी कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच होगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि टेंडर हासिल करने में किन अधिकारियों या कर्मचारियों से मिलीभगत की गई और ठेकों की रकम में किस तरह बंटवारा होता था।

यह समिति रक्षाबंधन के बाद सोमवार से जांच शुरू कर सकती है। कर्मचारियों-अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बुधवार को शासन को पत्र भेजकर नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्य अभियंता स्तर का अधिकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।

उनका कहना था कि मौजूदा कर्मचारियों के रहते जांच प्रभावित हो सकती है। अब जिला प्रशासन की समिति ठेकेदारों के साथ निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांचेगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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