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कानपुर नगर निगम के टेंडरों पर सिंडिकेट का 'साया':ठेकों से दूर रहने की ठेकेदारों को मिल रही धमकियां, नगर आयुक्त ने शुरू की जांच

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कानपुर नगर निगम के टेंडरों पर सिंडिकेट का 'साया':ठेकों से दूर रहने की ठेकेदारों को मिल रही धमकियां, नगर आयुक्त ने शुरू की जांच

कानपुर नगर निगम में टेंडर घोटाले की जांच के बीच ठेकेदारों पर दबाव बनाने का नया मामला सामने आया है। एक संगठित सिंडिकेट के जरिए ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं होने के लिए डराया-धमकाया जा रहा है। ऐसी कई शिकायतें नगर निगम पहुंची हैं। इसके बाद नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने जांच शुरू करा दी है।

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर घोटाले की जांच शुरू होने और सरगना गोविंद शर्मा पर शिकंजा कसने के बाद ठेकेदारों के सिंडिकेट ने अपनी रणनीति बदल दी है। अब दूसरे ठेकेदारों को जांच और कार्रवाई का डर दिखाकर टेंडर से दूर रहने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। ‘गुरुजी’ ठेकेदार का नाम भी जांच के दायरे में अधिकारियों के अनुसार, शिकायत में कुछ ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों के साथ ही कुछ सफेदपोश लोगों के नाम भी सामने आए हैं।

हालांकि एक बड़े ‘गुरुजी’ ठेकेदार का नाम भी चर्चा में आया है। अभी आरोपों की जांच जारी है। नगर आयुक्त ने बताया कि अगर शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

आरोपों से जुड़े ठेकेदारों की संपत्तियों का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। ठेकेदारों ने नगर निगम के टेंडरों से बनाई दूरी टेंडर घोटाला सामने आने के बाद नगर आयुक्त ने करीब 200 करोड़ रुपए के टेंडर निरस्त कर दोबारा प्रक्रिया कराने की तैयारी की। पिछले 10 दिनों में अलग-अलग विकास कार्यों के लिए तीन बार टेंडर जारी किए गए।

इनमें पैचवर्क के टेंडर में एक भी ठेकेदार ने हिस्सा नहीं लिया। जबकि दूसरे टेंडरों में भी कम ही ठेकेदारों ने हिस्सा लिया। इसी बीच नगर आयुक्त के पास शिकायत पहुंची है कि ठेकेदारों को डराया-धमकाया जा रहा है और उन्हें टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं होने दिया जा रहा। अभी तक यह हुई है कार्रवाई नगर निगम के टेंडर घोटाले में अब तक 5 फर्मों में अनियमितताएं मिलने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।

वहीं 6 ठेकेदारों के खिलाफ फजलगंज और स्वरूपनगर थानों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। नगर निगम में करीब 400 फर्में पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 27 बड़े ठेकेदार हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े हैं। टेंडर हासिल करने के लिए सिंडिकेट बनाने और अवैध वसूली के आरोपों की भी जांच चल रही है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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