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कानपुर की सड़कों पर कब खत्म होगा 'गड्ढों का सफर':पैचवर्क के दावों की खुली पोल, अफीमकोठी से जरीब चौकी तक सड़क कम, गड्ढे ज्यादा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कानपुर की सड़कों पर कब खत्म होगा 'गड्ढों का सफर':पैचवर्क के दावों की खुली पोल, अफीमकोठी से जरीब चौकी तक सड़क कम, गड्ढे ज्यादा

कानपुर में नगर निगम, पीडब्ल्यूडी की तरफ से जर्जर सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क कराने के दावे लगातार किए जा रहे हैं। अधिकारी कहते हैं कि खराब सड़कों को चिह्नित कर उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। लेकिन शहर की सड़कों पर निकलते ही ये दावे सवालों के घेरे में नजर आते हैं। दैनिक भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर जीटी रोड का हाल देखा तो अभी भी सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आए। देखिए 5 तस्वीरें...

जीटी रोड पर जगह-जगह गड्ढे जीटी रोड पर अफीमकोठी से जरीब चौकी तक आने और जाने वाली दोनों साइड की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं। कहीं डामर की परत उखड़ चुकी है तो कहीं सड़क धंसने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के बीच से निकलना वाहन चालकों की मजबूरी है। दोपहिया वाहन सवारों के लिए तो यह रास्ता और भी मुश्किल है।

जरा सी चूक हुई तो बाइक का संतुलन बिगड़ सकता है। यह हाल शहर की कई प्रमुख सड़कों का हो चुका है। इस जीटी रोड पर मरम्मत का जिम्मा पीडब्ल्यूडी का है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजों पर इन सड़कों की मरम्मत करते दिख रहे हैं। रोज इसी सड़क से गुजरना लोगों की मजबूरी राहगीर प्रमोद पांडे ने बताया कि कानपुर की सड़कों की खराब हालत नई नहीं है।

रोज सुबह नौकरी, कारोबार, स्कूल और दूसरे जरूरी कामों के लिए निकलने वाले लोगों को इन्हीं गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है। उम्मीद कर रहे हैं कि जरीब चौकी और अन्य सड़कें बारिश के बाद सही हालत में होंगी। लोगों ने बताया कि सड़क पर गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं या दूसरी तरफ से निकलने की कोशिश करते हैं।

इससे कई बार जाम की स्थिति बनती है और हादसे का खतरा भी बढ़ जाता है। खासकर रात में सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते। बारिश के बाद जब इनमें पानी भर जाता है तो अंदाजा लगाना और मुश्किल हो जाता है कि गड्ढा कितना गहरा है। बबलू गुप्ता ने बताया कि गुणवत्ता से सड़क की मरम्मत न होने की वजह से कुछ समय में वही हालत वापस हो जाते हैं।

अगर पैचवर्क कराया जा रहा है तो सड़क कुछ ही समय में दोबारा क्यों उखड़ जाती है। बाइक और ई-रिक्शा वालों की सबसे ज्यादा परेशानी खराब सड़क का सबसे ज्यादा असर दोपहिया वाहन चालकों और ई-रिक्शा चालकों पर पड़ रहा है। गड्ढों के बीच वाहन निकालने में झटके लगते हैं। कई जगह सड़क इतनी खराब है कि वाहन की रफ्तार बेहद कम करनी पड़ती है।

दुकानदारों का कहना है कि सड़क की खराब हालत का असर कारोबार पर भी पड़ता है। धूल, कीचड़ और जाम के कारण ग्राहक कई बार रुकने से बचते हैं। इन इलाकों में भी सड़कें खराब बकरमंडी, स्वरूप नगर, तिलक नगर, वीआईपी रोड, मालरोड, लाल बंगला, किदवई नगर, गोविंद नगर, बर्रा, चकेरी और श्याम नगर समेत शहर के कई इलाकों में सड़कें लंबे समय से खराब हैं।

कहीं सड़क की ऊपरी परत उखड़ी हुई है तो कहीं बड़े गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। बारिश के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है। गड्ढों में पानी भरने से सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती। पैदल चलने वालों के लिए भी परेशानी बढ़ जाती है। सड़क किनारे जमा पानी और कीचड़ के बीच से निकलना पड़ता है।

लोगों का कहना है कि उन्हें सिर्फ पैचवर्क के दावे नहीं, अच्छी सड़कें चाहिए।

📡 स्रोत: NewsData.io

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