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कांगड़ा के शक्तिपीठों में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने की व्यवस्थाओं की सराहना

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कांगड़ा के शक्तिपीठों में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने की व्यवस्थाओं की सराहना

सातवें नवरात्र पर मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी भीड़, तड़के चार बजे से दर्शनों के लिए लगीं कतारें

अक्तूबर 17,कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): शारदीय नवरात्र के सातवें दिन जिला कांगड़ा के तीनों प्रमुख शक्तिपीठों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना के लिए तड़के चार बजे से ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। मां के जयकारों से शक्तिपीठ गूंज उठे।

देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कांगड़ा स्थित माता बज्रेश्वरी देवी मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। गुड़गांव और चंडीगढ़, दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने मां के दर्शन किए।

श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, कतार प्रबंधन और बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था होने से दर्शन करने में सुविधा मिल रही है। परिवार के साथ माता के दरबार में पहुंची श्रद्धालुओं ने कहा कि वे मां से अपने बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-शांति की कामना करने आए हैं।

उन्होंने मंदिर परिसर में साफ-सफाई, वाहनों की पार्किंग और कर्मचारियों के सहयोगात्मक व्यवहार की भी प्रशंसा की। श्रद्धालुओं ने बताया कि मंदिर में व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं और बेहतर प्रबंधन के चलते दर्शन करने में सहूलियत मिल रही है। नवरात्र के दौरान शक्तिपीठों में उमड़ रही भीड़ से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है।

बाईट: सदन शर्मा, पुजारी एवं न्यास सदस्य, कांगड़ा मंदिर

बाईट: अनुपम शर्मा, पुजारी, कांगड़ा मंदिर

बाईट्स: श्रद्धालु

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।