कांग्रेस राज में इलाज से लेकर राशन तक महंगा, रोबोटिक सर्जरी के 90 हजार रुपये वसूलना जनता पर बोझ: डॉ. सिकंदर कुमार
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लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा को लेकर भाजपा की बड़ी बैठक, डॉ. राजीव बिंदल ने दिए दिशा-निर्देश
अक्तूबर 28, शिमला (हिमाचल प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की अध्यक्षता में आज भाजपा प्रदेश कार्यालय दीपकमल, चक्कर में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पदयात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक विचार-विमर्श किया गया और आगामी कार्यक्रम की योजना तय की गई।
डॉ. बिंदल ने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा सभी से एकजुट होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, जनता के अधिकारों और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर निरंतर संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को जनता से किए गए वादों और अपने कामकाज का हिसाब देना चाहिए।
भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याओं को उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी। बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आम आदमी को महंगाई और महंगे इलाज की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि अटल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा में रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ाकर 90 हजार रुपये किए जाने की खबर अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में रोबोटिक सर्जरी का शुल्क 30 हजार रुपये था, जो अब तीन गुना तक पहुंच गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी अस्पतालों में भी इलाज इतना महंगा हो जाएगा तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार कहां जाएंगे?
उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में भी रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ाने और एक्स-रे पर शुल्क लगाने की प्रक्रिया सामने आई है। कांग्रेस सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आम जनता की पहुंच में रखने के लिए वह क्या कदम उठा रही है। डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि महंगाई की मार सरकारी राशन डिपुओं तक पहुंच चुकी है।
पिछले तीन वर्षों में एनएफएसए और अंत्योदय श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए दाल चना की कीमत 22 रुपये से बढ़कर 61 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसी प्रकार एनएफएसए श्रेणी में साबुत उड़द दाल 58 रुपये से बढ़कर 92 रुपये प्रति किलो और सरसों तेल 142 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि अक्टूबर में एपीएल परिवारों के लिए माश दाल 94 रुपये से बढ़कर 97 रुपये प्रति किलो तथा एपीएल करदाता परिवारों के लिए चीनी 48 रुपये से बढ़कर 52 रुपये प्रति किलो हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार महंगाई से राहत देने में असफल रही है और आम परिवारों का घरेलू बजट लगातार प्रभावित हो रहा है।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार को बताना चाहिए कि आखिर गरीब जनता को राहत कब मिलेगी। भाजपा जनता के मुद्दों पर चुप नहीं बैठेगी और 1 नवंबर की पदयात्रा के माध्यम से सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेगी। बै