कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के विरोध में शिमला में भाजपा का प्रदर्शन, सार्वजनिक माफी की मांग
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में शिमला में भाजपा ने प्रदर्शन किया। उपायुक्त कार्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने खड़गे के खिलाफ नारेबाजी की और उनकी टिप्पणी पर सार्वजनिक माफी की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान खड़गे का पुतला जलाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इस दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई। पुतला नहीं जला पाने पर कार्यकर्ताओं ने रुमाल जलाकर विरोध जताया।
प्रदर्शन में शामिल भाजपा के राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के प्रति कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल निंदनीय है। उनके अनुसार, इस तरह की भाषा भारतीय संस्कृति और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से इस प्रकार की बयानबाजी बंद करने और खड़गे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। सिकंदर कुमार ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी बयानबाजी जारी रही, तो भाजपा देशभर में कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।
वहीं, एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली और ‘वोट चोरी, वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए सिकंदर कुमार ने एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है और आजादी के बाद से समय-समय पर ऐसा होता रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पहले भी यह प्रक्रिया अपनाई जाती रही है, तो अब इसका विरोध क्यों किया जा रहा है।
सिकंदर कुमार ने मतदाता सूची में नाम दर्ज करने और हटाने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाला भारतीय नागरिक मतदाता बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थायी रूप से रहने लगता है, तो नियमानुसार उसका मतदाता पंजीकरण नए स्थान पर हो सकता है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का दो स्थानों पर मतदाता के रूप में नाम दर्ज नहीं होना चाहिए और मृत व्यक्तियों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए।
भाजपा सांसद ने अपने बयान में देश के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े चुनावी घटनाक्रमों को लेकर भी कांग्रेस पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस अदालत का रुख कर चुकी है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस की आलोचना पर भी सवाल उठाए। ये आरोप सिकंदर कुमार ने भाजपा के प्रदर्शन के दौरान लगाए।