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कान्हा के जन्म पर मेरठ रेंज अभेद्य किले में तब्दील:3500 पुलिसकर्मी, 60 क्यूआरटी, पीएसी भी तैनात, 186 मंदिरों और 11 संवेदनशील मार्गों पर पहरा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कान्हा के जन्म पर मेरठ रेंज अभेद्य किले में तब्दील:3500 पुलिसकर्मी, 60 क्यूआरटी, पीएसी भी तैनात, 186 मंदिरों और 11 संवेदनशील मार्गों पर पहरा

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों में उमड़ने वाली आस्था की भीड़ और निकलने वाली शोभायात्राओं के बीच सुरक्षा को लेकर मेरठ रेंज में पुलिस ने अभेद्य घेरा तैयार किया है। रेंज में करीब 3500 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।

पूरे रेंज को 24 जोन और 81 सेक्टर में बांटकर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है। मिश्रित आबादी वाले मंदिरों पर एक कंपनी पीएसी तैनात रहेगी, जबकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए 60 क्विक रिस्पांस टीमें (क्यूआरटी) मैदान में रहेंगी। पुलिस की निगाह जमीन से लेकर आसमान और सोशल मीडिया तक रहेगी।

सुरक्षा ड्यूटी में छह अपर पुलिस अधीक्षक, 25 क्षेत्राधिकारी, 86 निरीक्षक, 635 उप निरीक्षक, 1022 हेड कांस्टेबल और 1270 कांस्टेबल शामिल हैं। इनके अलावा 440 होमगार्ड/पीआरडी जवान भी मोर्चा संभालेंगे।

संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ थाना स्तर पर भी अलग-अलग जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। 186 मंदिर, 14 शोभायात्राओं पर विशेष नजर मेरठ जिले में जन्माष्टमी के अवसर पर 186 मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं जिले में 14 शोभायात्राएं निकलेंगी।

शोभायात्राओं के दौरान 11 मार्गों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन से निगरानी की भी व्यवस्था की है, ताकि भीड़ और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।

एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि सभी मंदिर समितियों के पदाधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में बातचीत कर ली गई है। आयोजन से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर पहले ही समन्वय किया जा चुका है। प्रत्येक थाना पुलिस को अपने क्षेत्र में होने वाले आयोजनों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जन्म के समय भीड़ बढ़ने पर संभालेगी क्यूआरटी जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के जन्म के समय मंदिरों में अचानक श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भीड़ प्रबंधन का अलग प्लान लागू किया गया है। मंदिरों के प्रवेश और निकास, भीड़ के दबाव वाले स्थानों तथा प्रमुख मार्गों पर पुलिस की तैनाती रहेगी।

किसी स्थान पर स्थिति बिगड़ने पर क्यूआरटी तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालेंगी। मिश्रित आबादी वाले मंदिरों पर पीएसी का पहरा मिश्रित आबादी वाले इलाकों में स्थित मंदिरों को लेकर पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती है। ऐसे मंदिरों की सुरक्षा के लिए एक कंपनी पीएसी लगाई गई है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखें और किसी भी सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया दें। 32 एंटी रोमियो स्क्वाड भीड़ में रहेंगी सक्रिय असामाजिक तत्वों और महिलाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिले में 32 एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रिय कर दी गई हैं।

ये टीमें भीड़ में आम लोगों के बीच मौजूद रहकर निगरानी करेंगी। मंदिरों, बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। सोशल मीडिया पर भी चौबीस घंटे निगरानी जन्माष्टमी के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक या माहौल बिगाड़ने वाली पोस्ट को लेकर भी पुलिस अलर्ट रहेगी।

पुलिस की सोशल मीडिया टीम लगातार निगरानी करेगी और झूठी, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट सामने आने पर समय रहते कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने जन्माष्टमी की व्यवस्था में शामिल सभी विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों से समन्वय कर लिया है।

संबंधित विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम माहौल मिल सके।

📡 स्रोत: NewsData.io

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