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कान्हा टाइगर रिजर्व में बढ़ी सुरक्षा, दिन-रात गश्त से संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कान्हा टाइगर रिजर्व में बढ़ी सुरक्षा, दिन-रात गश्त से संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर

एम-स्ट्राइप एप से मजबूत हुई पेट्रोलिंग व्यवस्था

सुरक्षा माहौल बेहतर होने से कान्हा, किसली, मुक्की और सरही में बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही

मंडला, अक्टूबर 07: कान्हा टाइगर रिजर्व में नक्सल उन्मूलन के बाद सुरक्षा व्यवस्था और वन अमले की सक्रियता बढ़ी है। संवेदनशील क्षेत्रों में दिन के साथ रात में भी नियमित गश्त की जा रही है। एम-स्ट्राइप पेट्रोलिंग एप्लीकेशन के जरिए पैदल गश्त को तकनीक से मजबूत किया गया है। रेंज ऑफिसर, एसडीओ और फील्ड स्टाफ की टीमें रातभर क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं।

इससे वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ रिजर्व के संवेदनशील क्षेत्रों पर भी नजर रखी जा रही है। बदले सुरक्षा माहौल का असर पर्यटन पर भी दिखाई दे रहा है। कान्हा, किसली, मुक्की और सरही क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। पर्यटन आय की 33 प्रतिशत राशि ईको विकास समितियों को मिलती है, जिसका उपयोग वन गांवों के विकास कार्यों में किया जा रहा है।

------ बाइट :

  • पी.के. वर्मा, उप संचालक (कोर), कान्हा टाइगर रिजर्व, मंडला
  • चन्द्रेश खरे, वन्य प्राणी अभिरक्षक, मंडला
  • शिवम मेहता, वन्य जीव प्रेमी, मंडला

💡 पृष्ठभूमि (Background)

कान्हा टाइगर रिजर्व में नक्सल उन्मूलन के बाद सुरक्षा व्यवस्था और वन अमले की सक्रियता बढ़ी है। दिन-रात गश्त से संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। एम‑स्ट्राइप एप्लीकेशन से पैदल गश्त को तकनीक से मजबूत किया गया है, जिससे सुरक्षा में सुधार हुआ है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे क्षेत्र की स्थिरता और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, जो आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देती है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक है; लोग सुरक्षित महसूस करेंगे, पर्यटन बढ़ेगा, और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।