कन्नौज में छात्राओं ने अपने हाथों से बनाए दीपावली के खास उपहार
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कन्नौज में बेसिक शिक्षा विभाग की पहल ‘हम बनेंगे हुनरमंद’ के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालय हैवतपुर कटरा की छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और हुनर से सभी का ध्यान आकर्षित किया। शुक्रवार को छात्राओं ने अपने हाथों से दीपावली के लिए सुंदर और उपयोगी उपहार तैयार किए। इन उपहारों को जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी को भेंट कर दीपावली की शुभकामनाएं दीं। छात्राओं की मेहनत और हुनर देखकर अधिकारियों ने उनकी जमकर तारीफ की।
विद्यालय की ‘हम बनेंगे हुनरमंद’ टीम की छात्राओं ने जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को अपने हाथों से बनाया हुआ दीपावली शुभकामना कार्ड, सुंदर स्वीट बास्केट और खुशबूदार मोमबत्ती भेंट की। छात्राओं ने इन उपहारों के माध्यम से बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें दीपावली की बधाई दी। जिलाधिकारी ने छात्राओं के इस प्रयास की सराहना की और उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इसके बाद टीम की छात्राओं राधिका और दिव्यांशी ने पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार और मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव को भी अपने हाथों से तैयार किए गए उपहार भेंट किए।
छात्राओं ने इन उपहारों को बनाने में अपनी कला और नई सोच का इस्तेमाल किया। खास बात यह रही कि उन्होंने बेकार पड़े नारियल के खोल से सुंदर और खुशबूदार मोमबत्तियां तैयार कीं। इसके अलावा अनुपयोगी सामान का इस्तेमाल करके आकर्षक शुभकामना कार्ड और स्वीट बास्केट भी बनाई।छात्राओं ने अपने इस काम के जरिए यह दिखाया कि घर में बेकार समझकर फेंक दी जाने वाली चीजों से भी सुंदर और काम आने वाली वस्तुएं बनाई जा सकती हैं।
इसके लिए महंगे सामान की जरूरत नहीं होती, बल्कि अच्छी सोच और थोड़ी मेहनत से बेकार चीजों को भी नया रूप दिया जा सकता है। छात्राओं ने ‘कबाड़ से जुगाड़’ की सोच को अपने हुनर के जरिए साकार किया।छात्राओं के बनाए उपहार देखकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी काफी प्रभावित हुए।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है। साथ ही उनमें नई चीजें सीखने, खुद कुछ बनाने और अपने काम पर भरोसा करने की भावना विकसित होती है। ऐसी पहल बच्चों को आगे चलकर आत्मनिर्भर बनने में भी मददगार साबित हो सकती है।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि ‘हम बनेंगे हुनरमंद’ पहल शुरू करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अलग-अलग तरह के काम और हुनर सिखाना है।
केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि बच्चों को ऐसी शिक्षा देना भी जरूरी है, जिससे वे अपने हाथों से नई चीजें बना सकें और अपनी प्रतिभा को पहचान सकें। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, नई चीजें बनाने की क्षमता और स्वरोजगार के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई खास प्रतिभा होती है।
जरूरत है उसे पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर देने की। इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में अपने हुनर के दम पर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।