कांटे-बांट और पैकर लाइसेंस में मिली गड़बड़ी
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बीकानेर में विधिक माप विज्ञान विभाग ने रानी बाजार और नोखा औद्योगिक क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर तीन प्रतिष्ठानों पर 44 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अधिकारी दीपक पूनिया के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में लालजी फूड्स, छप्पन भोग प्रोडक्ट्स और जे जे फूड्स में अनियमितताएं मिलीं। कहीं कांटे सत्यापित नहीं पाए गए तो कहीं बाट उपलब्ध नहीं मिले। वहीं, जे जे फूड्स में पैकर लाइसेंस भी नहीं मिला। विभाग ने तीनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए हैं।
बीकानेर, 6 नवंबर। दुकानों और प्रतिष्ठानों पर सामान की तौल में किसी तरह की गड़बड़ी न हो और उपभोक्ताओं को निर्धारित माप के अनुसार ही सामग्री मिले... इसके लिए विधिक माप विज्ञान विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। इसी कड़ी में बीकानेर में विभाग की टीम ने रानी बाजार और नोखा औद्योगिक क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान तीन प्रतिष्ठानों में कांटे-बांट और पैकर लाइसेंस से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। विभाग ने तीनों प्रतिष्ठानों पर कुल 44 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। उपभोक्ताओं को सही तौल और माप के साथ सामान उपलब्ध करवाना हर व्यापारी की जिम्मेदारी है, लेकिन बीकानेर में कुछ प्रतिष्ठानों पर इस नियम की अनदेखी सामने आई है।
विधिक माप विज्ञान विभाग की टीम ने रानी बाजार और नोखा औद्योगिक क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर तीन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की।
अधिकारी दीपक पूनिया के नेतृत्व में पहुंची टीम ने प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किए जा रहे कांटे-बांट और पैकिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान लालजी फूड्स, छप्पन भोग प्रोडक्ट्स और जे जे फूड्स में अलग-अलग तरह की अनियमितताएं मिलीं। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों पर इस्तेमाल किए जा रहे कांटे सत्यापित नहीं पाए गए। वहीं, एक प्रतिष्ठान में निर्धारित बाट भी उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा जे जे फूड्स में पैकर लाइसेंस नहीं पाया गया। विभागीय टीम ने इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए तीनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए और कुल 44 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
विधिक माप विज्ञान विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में सही तौल और माप की व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण का अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही व्यापारियों को भी कांटे-बांट का सत्यापन करवाने और आवश्यक लाइसेंस संबंधी नियमों की पालना करने के निर्देश दिए गए हैं।