'कानूनी संरक्षण…', EC विवाद के बीच प्रियंका गांधी ने की ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
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कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर अपना हमला तेज करते हुए शनिवार को उनके इस्तीफे और चुनाव आयुक्तों को दिए गए कानूनी संरक्षण को हटाने की मांग की.
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने निर्वाचन आयोग को जवाबदेही से बचाने के लिए यह कानूनी संरक्षण दिया है.
प्रियंका ने कहा कि विपक्षी गठबंधन इंडिया उन्हें हटाए जाने की मांग को लेकर एकजुट है.
प्रियंका निर्वाचन आयोग के तीन सदस्यीय पैनल में मतभेद की खबरों, मतदाता सूची के पुनरीक्षण, नाम हटाने और जोड़ने, नए मतदाताओं के लिए प्रपत्र में बदलाव तथा मतदाता डेटा तक पहुंच से जुड़े विभिन्न फैसलों और निर्देशों को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब दे रही थीं.
वायनाड लोकसभा सीट से सांसद प्रियंका ने यहां पत्रकारों से कहा, चुनाव आयुक्तों को दिए गए कानूनी संरक्षण को हटाया जाना चाहिए.
यह संरक्षण भाजपा सरकार ने चुनाव आयुक्तों को उनके किसी भी कृत्य के लिए जवाबदेही से बचाने के उद्देश्य से प्रदान किया था.
प्रियंका ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा
वह मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 का जिक्र कर रही थीं, जिसके तहत धारा 16 में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों (ईसी) को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है.
प्रियंका ने कहा कि अगर कोई चुनाव आयुक्त लोकतंत्र के खिलाफ गंभीर अपराध कर रहा है, तो राजनीतिक नेतृत्व के समर्थन के बिना ऐसा होना व्यावहारिक रूप से असंभव होगा.
प्रियंका गांधी ने कहा, यदि कोई व्यक्ति देश, हमारे संविधान या भारत के खिलाफ गैरकानूनी काम कर रहा है, तो उसके द्वारा किए गए आपराधिक कृत्य के लिए उस पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए.
यह देशद्रोह है और इसके लिए उस पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए. प्रियंका ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव आयुक्तों को संरक्षण दे रही है.
उन्होंने कहा, यदि कोई चुनाव आयुक्त लोकतंत्र के खिलाफ इतने गंभीर अपराध कर रहा है, तो नेतृत्व के समर्थन के बिना ऐसा करना व्यावहारिक रूप से असंभव है.
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📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
कांग्रेस की युवा नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला करते हुए उनके इस्तीफे और चुनाव आयुक्तों को दिए गए कानूनी संरक्षण को हटाने की मांग की। यह विषय चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और जवाबदेही से जुड़ा है, जिसे कई राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के बीच विवाद का केंद्र बन गया है। खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह चुनाव आयोग की कार्यवाही पर सार्वजनिक विश्वास और राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है। यदि कानूनी संरक्षण हटाया गया, तो आयुक्तों पर अधिक राजनीतिक दबाव पड़