कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन और 25 लाख ग्रेच्युटी देने कहा:मऊगंज में सौंपा ज्ञापन, मजदूरों का न्यूनतम वेतन 30 हजार करने की मांग उठाई
मऊगंज कलेक्टर कार्यालय में सोमवार शाम 4 बजे भारतीय मजदूर संघ और मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने श्रमिकों, कर्मचारियों और पेंशनरों की 53 सूत्रीय मांगों को लेकर अपर कलेक्टर पीके पांडे को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने राज्य सरकार से पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वरिष्ठता के साथ लागू करने, केंद्र के समान 25 लाख रुपए ग्रेच्युटी और महंगाई भत्ता देने की मांग की। इसके अलावा संविदा, दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स कर्मचारियों को खाली पदों पर पक्का करने और स्टायपेंड व्यवस्था खत्म करने का मुद्दा उठाया। न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए करने की मांग प्रधानमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में मजदूरों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए करने, ईपीएफ (EPF) और ईएसआईसी (ESIC) की सीमा बढ़ाने और न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपए करने की मांग रखी गई। इसके साथ ही बैंक कर्मचारियों के लिए हफ्ते में 5 दिन काम (Five Day Week) और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (ओला, उबर, रैपिडो आदि) को सामाजिक सुरक्षा देने की बात कही। मांगें न मानने पर आंदोलन की चेतावनी भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष श्यामाचरण शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान रमाशंकर तिवारी, शिव प्रसाद मिश्र और पवन कुमार द्विवेदी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
📡 स्रोत: NewsData.io