करोड़ों का पैचवर्क, फिर भी बदहाल सड़कें:कहीं 2 फीट गहरे गड्ढे तो कहीं फैली बजरी, गड्ढों में ट्रक के टायर डालकर कर रहे बचाव
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →कानपुर में इस बार बारिश ने शहर की सड़कों की ऐसी दुर्दशा की है कि अब लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। शहर की शायद ही कोई ऐसी सड़क बची हो, जहां छोटे-बड़े गड्ढे और बिखरी बजरी राहगीरों के लिए मुसीबत न बनी हो। कहीं सड़कें पूरी तरह उखड़ चुकी हैं तो कहीं डेढ़ से दो फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं।
इन सड़कों पर फैली बजरी से उड़ती धूल अब लोगों के लिए मुसीबत बनती नजर आ रही है। देखिए 3 तस्वीरें… गड्ढों में सड़क तलाश रहे राहगीर जलभराव से जूझ रहे शहरवासियों को बदहाल सड़कों पर हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि सरोजनी नगर की कबाड़ी मार्केट में राहगीरों को हादसों से बचाने के लिए दुकानदारों को गड्ढों में ट्रक के टायर डालने पड़ रहे हैं।
इसके बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इन सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए कोई ठोस कदम उठता नजर नहीं आ रहा है। गड्ढों में टायर डालकर कर रहे बचाव संतनगर चौराहे से मरियमपुर की ओर जाने वाली कबाड़ी मार्केट की सड़क पर दो जगह करीब दो फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को इनकी गहराई का अंदाजा तक नहीं लग पाता।
ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। राहगीरों को बचाने के लिए आसपास के दुकानदारों ने खुद ही इन गड्ढों में ट्रक के टायर डाल दिए हैं, ताकि राहगीर दूर से ही खतरे को पहचान सकें। यह तस्वीर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है कि जहां सड़कें दुरुस्त करने की जिम्मेदारी विभाग की है, वहां आम लोगों को खुद हादसों से बचाव के इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
राहगीरों की सुरक्षा के लिए गड्ढों में डाले टायर उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के प्रदेश प्रभारी कपिल सब्बरवाल ने बताया कि सरोजनी नगर की कबाड़ी मार्केट की सड़क पर शुरुआत में छोटे-छोटे गड्ढे थे, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं होने से अब गड्ढों ने ही सड़क की जगह ले ली है। व्यापारियों ने कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को इनकी गहराई का पता नहीं चलता और आए दिन हादसे होते हैं। इसी वजह से दुकानदारों को लोगों की सुरक्षा के लिए गड्ढों में टायर डालने पड़े हैं। बारिश में बह गया 31.85 करोड़ का पैचवर्क शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए नगर निगम ने बारिश के बीच 31.85 करोड़ रुपए खर्च कर पैचवर्क कराया था।
कई सड़कों पर गड्ढे भरने के लिए गिट्टी और मौरंग डाली गई, लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश के पानी के आगे ये इंतजाम भी टिक नहीं सके। जीटी रोड, कालपी रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर फिर से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जगह-जगह सड़क की परत उखड़ने से गिट्टी और बजरी फैल गई है। हालांकि कई प्रमुख सड़कों पर बारिश रुकने के बाद फिर नगर निगम ने पैचवर्क कराने का काम शुरू कर दिया है।
हैलट जाने वाले मरीजों का दर्द बढ़ा रही बदहाल सड़क राहगीरों का कहना है कि मोतीझील से नरेंद्र मोहन सेतु तक सड़क की हालत भी बेहद खराब है। यहां जगह-जगह गहरे गड्ढे और सड़क पर फैली बजरी वाहन चालकों के लिए खतरा बनी हुई है। इसी सड़क पर हैलट अस्पताल होने के कारण रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन गुजरते हैं।
एंबुलेंस से आने वाले मरीजों के लिए भी यह रास्ता परेशानी का सबब बना हुआ है। गड्ढों में वाहन उछलने से मरीजों की तकलीफ और बढ़ जाती है। वहीं, बजरी पर बाइक फिसलने से कई दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क पर सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं है। कमर दर्द और हादसों के डर के बीच सफर आरटीओ रोड, जीटी रोड, कालपी रोड, हैलट अस्पताल के आसपास और देवकी चौराहे समेत शहर के कई इलाकों में सड़कें उखड़ी पड़ी हैं।
कहीं गिट्टी और बजरी फैली है तो कहीं गड्ढों से ईंटें तक दिखाई देने लगी हैं। राहगीरों का कहना है कि रोजाना इन सड़कों से गुजरने पर कमर और पीठ में दर्द होने लगा है। दोपहिया वाहन चालकों को हर कदम पर फिसलने और गिरने का डर बना रहता है। वहीं, रात के अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।
📡 स्रोत: NewsData.io