अपराध

काशी में 10 हजार अजन्मी बेटियों का किया गया पिंडदान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
काशी में 10 हजार अजन्मी बेटियों का किया गया  पिंडदान

वाराणसी में पितृपक्ष की मातृ नवमी पर दशाश्वमेध घाट पर आगमन सामाजिक संस्था के तत्वावधान में डॉ. संतोष ओझा के नेतृत्व में लगभग 10 हजार अजन्मी बेटियों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान एवं तर्पण अनुष्ठान किया गया। पांच वैदिक आचार्यों के सानिध्य में पिंडदान, तर्पण, पंचबलि और ब्राह्मण भोज संपन्न हुआ।

संस्था के कार्यकर्ताओं ने सुबह सात बजे से जौ के आटे, तिल, शहद, घी और गंगाजल से पिंड तैयार किए। डॉ. संतोष ओझा ने कहा कि यह अनुष्ठान केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध जनजागरण का प्रयास है। उन्होंने समाज से बेटियों के संरक्षण और सम्मान का आह्वान किया। संस्था के अनुसार, पिछले वर्षों के अनुष्ठानों सहित अब तक 1.60 लाख से अधिक अजन्मी बेटियों के लिए पिंडदान किया जा चुका है।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

किशोरों और युवाओं को यह संदेश देना ज़रूरी है कि हर जीवन, चाहे वह जन्म से पहले हो या बाद में, समान सम्मान और गरिमा का हकदार है। समाज में लिंगभेद और पूर्वाग्रहों को मिटाने के लिए शिक्षा, जागरूकता और सहानुभूति की आवश्यकता है। जब भी किसी को भेदभाव का सामना करना पड़े, तो कानूनी सहायता और सामाजिक समर्थन से निपटना चाहिए। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहाँ हर बच्चे की आवाज़ सुनी जाए और उसका सम्मान हो।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।