काशी की सुमेधा के कमाल से भारत को रजत:वर्ल्ड पैरा निशानेबाजी में 18 साल बाद जीता रजत पदक, ईरान को गोल्ड
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →वाराणसी की दिव्यांग निशानेबाज सुमेधा पाठक ने वर्ल्ड पैरा निशानेबाजी में शानदार प्रदर्शन कर टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिला दिया। सुमेधा और उनकी टीम और जापान में होने वाले पैरा एशियाड में शामिल होने जाएंगी। सुमेधा की टीम ने 10 मीटर एयरपिस्टल की पी-2 कैटेगरी में यह उपलब्धि हासिल की।
उनके साथ दिल्ली की भक्ति शर्मा और अजमेर की सृष्टि अरोड़ा शामिल हैं। सुमेधा ने यह पदक बाबा विश्वनाथ और अपने पिता को समर्पित किया है। सुमेधा ने कहा - अब एशियाड में हमें अपना बेस्ट देना है और गोल्ड मेडल भारत के लिए लाना है। 18 साल में पहली बार पदक दक्षिण कोरिया के चेंगवान शहर में आयोजित वर्ल्ड पैरा शूटिंग चैम्पियनशिप में बेटी सुमेधा के साथ मौजूद पिता बृजेश चंद्र पाठक ने बताया - यह प्रतियोगिता 7 सितंबर से 15 सितंबर तक चलेगी।
लेकिन बीती रात बेटी और उनकी टीम ने शूटिंग चैम्पियनशिप में 18 साल में पहली बार पदक जीतकर इतिहास बना दिया है। ईरान को मिला गोल्ड ब्रजेश पाठक ने बताया - इस स्पर्धा में भारत को ईरान ने कड़ी टक्कर दी। ईरान की टीम ने मामूली अंतर् से प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की तरफ से सुमेधा ने 2 मीटर की स्पर्धा में सफलता पायी और 10 मीटर एयर पिस्टल की इस टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिला दिया।
बाबा विश्वनाथ को किया समर्पित सुमेधा ने कहा - यह पदक बाबा विश्वनाथ और मेरे पिता को समर्पित है। उम्मीद है कि एशियाड में हम गोल्ड पर निशाना लगाएंगे। ब्रजेश पाठक ने बताया - सुमेधा पहले ही एशियन गेम्स के लिए सेलेक्ट हो चुकी थीं। ऐसे में वो अपनी टीम के साथ दक्षिण कोरिया से जापान के लिए रवाना होंगी
📡 स्रोत: NewsData.io