कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने अमित शाह से गुहार लगाई:अब तक 3 धमकी भरे लेटर मिल चुके, इनमें नाम, पता, गाड़ी नंबर तक का जिक्र
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →ऑल पीएम पैकेज एम्प्लॉइज फोरम, कश्मीर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से घाटी में कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिल रही धमकी के मामले में मदद की गुहार लगाई है। फोरम ने कहा कि पिछले 16 वर्षों के दौरान कश्मीर लौटकर अपनी जिंदगी फिर से बसाने वाले कर्मचारी हाल में धमकी भरे पत्रों और डराने-धमकाने की घटनाओं में बढ़ोतरी के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक चिंतित हैं।
फोरम के अनुसार, वर्ष 2021 के बाद हुई लक्षित हत्याओं ने लोगों में डर की भावना पैदा कर दी है और 1990 के दशक की यादें फिर से ताजा हो गई हैं। इससे संभावित नए विस्थापन की आशंका भी बढ़ गई है। फोरम ने दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में कहा- ऊपरी तौर पर स्थिति सामान्य दिखाई दे सकती है, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव बना हुआ है।
कर्मचारी संगठन ने कहा कि दी गई धमकियों में बस्तियों का भी जिक्र किया गया है। इससे परिवारों में चिंता पैदा हो गई है। फोरम ने केंद्र सरकार से धमकियों की गहन जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, खुफिया तंत्र को मजबूत करने और एहतियाती सुरक्षा उपाय बढ़ाने के साथ-साथ पीएम पैकेज कर्मचारियों के आवास और बस्तियों की व्यापक सुरक्षा समीक्षा की मांग की है।
ULC ने कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाने का दावा किया है ‘जहां भी रहो या जाओगे, तुम्हारी हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। सरकार के लिए काम करके मोहरा मत बनो।’ कश्मीरी पंडितों को ये धमकी लगातार तीसरी बार मिली है। 7 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक उन्हें 3 धमकी भरे लेटर मिले हैं। इनमें सिर्फ कश्मीरी पंडितों के नाम ही नहीं, घर का पता, गाड़ी का नंबर और रंग तक सब लिखा है।
निजी जानकारी लीक होने के बाद कश्मीरी पंडित और डर गए हैं। वे जांच और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। टेलीग्राम चैनल के जरिए ये लेटर यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) ने भेजा था, जिसे खुफिया एजेंसियां आतंकी संगठन लश्कर का मुखौटा संगठन मानती हैं। वे आतंकियों की प्रॉपर्टी जब्त किए जाने से नाराज हैं।
ULC ने सरकारी विभागों और कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाने का दावा किया है। इसके बाद सरकार ने कश्मीरी पंडितों को वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए हैं।
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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी भरे पत्रों और गाड़ी नंबरों के जिक्र के साथ डराया जा रहा है, जिसके कारण उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मदद की गुहार लगाई है। यह विषय कश्मीर में लौटे कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके परिवारों के प्रति बढ़ती हिंसा पर प्रकाश डालता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्रीय तनाव और धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति भेदभाव को उजागर करती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों के लिए खतरा है। आम जनता पर असर गहरा है, क्योंकि यह समाज में विभाजन बढ़ा सकता है, निवेश म