कटनी में एनजीटी के निर्देश पर प्रतिमा विसर्जन के लिए बनेंगे 11 कृत्रिम कुंड: निगमायुक्त तपस्या परिहार ने घाटों का किया पैदल निरीक्षण
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प्राकृतिक जल स्रोतों में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चला रहा जागरूकता अभियान
हर कुंड पर प्रभारी और कर्मचारी रहेंगे तैनात, श्रद्धालुओं से निर्धारित कुंडों में ही विसर्जन की अपील
कटनी, अक्टूबर 16: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के तहत प्राकृतिक जल स्रोतों में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक के मद्देनजर कटनी में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड श्रद्धालुओं को कृत्रिम कुंडों में प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रेरित कर रहा है।
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने पैदल भ्रमण कर विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। नगर के 11 घाटों पर कृत्रिम विसर्जन कुंड बनाए जाएंगे। प्रत्येक कुंड पर प्रभारी और सहयोगी कर्मचारी तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं से नदी, नाले और तालाबों के बजाय निर्धारित कुंडों में ही विसर्जन करने की अपील की गई है।
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बाइट- - सुधांशु तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कटनी
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर कटनी में एनजीटी के निर्देश पर प्राकृतिक जल स्रोतों में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक के संदर्भ में 11 कृत्रिम कुंड बनाने के निर्णय के बारे में है। यह विषय पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक परंपराओं के समन्वय से जुड़ा है, जहाँ धार्मिक अनुष्ठानों को जल प्रदूषण से बचाते हुए जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि सरकार और स्थानीय निकाय मिलकर धार्मिक आचरण और जल संरक्षण को संतुलित करने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं। आम जनता पर इसका असर यह होगा कि श्रद्धा