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कटनी के मार्बल को GI टैग दिलाने की कवायद तेज, एसोसिएशन गठन और आवेदन प्रक्रिया पर मंथन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कटनी के मार्बल को GI टैग दिलाने की कवायद तेज, एसोसिएशन गठन और आवेदन प्रक्रिया पर मंथन

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की बैठक में इकाई संचालकों की भूमिका पर चर्चा, GI टैग से उत्पाद को मिलेगी भौगोलिक पहचान और कानूनी संरक्षण

कटनी, अक्टूबर 08: कटनी के प्रसिद्ध मार्बल को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग दिलाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। इसी सिलसिले में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में बैठक आयोजित की गई, जिसमें GI टैग प्राप्त करने की प्रक्रिया और आवेदन में स्थानीय इकाई संचालकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में GI टैग के लिए आवेदन में सह-आवेदक के रूप में शामिल होने के उद्देश्य से ‘कटनी मार्बल एसोसिएशन’ के गठन और उसके पंजीयन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। संबंधित इकाई संचालकों की भागीदारी और संगठनात्मक प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों ने आवश्यक जानकारी साझा की।

अधिकारियों के अनुसार, कटनी मार्बल को GI टैग मिलने से इसे विशिष्ट भौगोलिक पहचान और कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा। इससे उत्पाद की प्रामाणिकता और साख मजबूत होने के साथ उसके बाजार मूल्य में भी बढ़ोतरी की संभावना है।

GI टैग मिलने के बाद कटनी मार्बल की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान और मांग बढ़ने की उम्मीद है। बैठक में इस दिशा में आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और स्थानीय उद्योग से जुड़े हितधारकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

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बाइट ज्योति सिंह चौहान महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र कटनी

💡 पृष्ठभूमि (Background)

कटनी के प्रसिद्ध मार्बल को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग दिलाने की कोशिश तेज हो गई है। यह कदम मार्बल को उसकी विशिष्टता और गुणवत्ता के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है। GI टैग से उत्पाद को कानूनी सुरक्षा मिलती है, जिससे नकली और निम्न गुणवत्ता वाले मार्बल का मुकाबला आसान होता है। इस पहल से कटनी के मार्बल उद्योग को नई आर्थिक ऊर्जा मिलेगी, क्योंकि यह उत्पाद को प्रीमियम मूल्य पर बेचने का मार्ग प्रशस्त करेगा। आम जनता को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद और रोजगार के न

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।