कटिहार के स्कूलों में ई-कचरा प्रबंधन अभियान, बच्चों से पर्यावरण संरक्षण की अपील
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कटिहार के स्कूलों में ई-कचरा प्रबंधन अभियान चलेगा। बच्चे पुराने मोबाइल, चार्जर व बैटरियां जमा करेंगे, जिन्हें सुरक्षित निस्तारण के लिए अधिकृत एजेंसियों को सौंपा जाएगा।
24 अक्टूबर , कटिहार (कटिहार, बिहार) : पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कटिहार जिले के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों को घरों में अनुपयोगी पड़े मोबाइल फोन, खराब चार्जर, बैटरी और कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे से अलग रखने तथा निर्धारित व्यवस्था के तहत जमा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी से जोड़ने के साथ इस संदेश को परिवार और समाज तक पहुंचाना है।
प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्वशिक्षा अभियान, कटिहार के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कचरे के दुष्प्रभावों और उसके सुरक्षित निस्तारण के महत्व से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे के साथ फेंकने के बजाय अलग एकत्र करना जरूरी है, ताकि उनका उचित प्रबंधन और पुनर्चक्रण सुनिश्चित किया जा सके।
अभियान के तहत विद्यालयों में कचरे के पृथक्करण के लिए चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसमें काले रंग का डस्टबिन ई-कचरा संग्रह के लिए निर्धारित किया गया है। पुराने मोबाइल फोन, खराब चार्जर, बैटरी और कंप्यूटर के अनुपयोगी उपकरण इसमें जमा किए जाएंगे। इससे ई-कचरे को अन्य कचरे से अलग रखने और उसके सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
इस अभियान में विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। बच्चे अपने घरों में अनुपयोगी पड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहचान कर उन्हें विद्यालय में बनाए गए ई-कचरा संग्रह केंद्र तक पहुंचाएंगे। इसके बाद एकत्रित ई-कचरे को अधिकृत रिसाइक्लर्स और रिफर्बिशर्स को सौंपने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि उसका सुरक्षित निस्तारण और उपयोगी सामग्री का पुनर्चक्रण किया जा सके। इससे ई-कचरे को खुले में फेंकने अथवा सामान्य कचरे में मिलाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर यह अभियान ‘स्वच्छता ही सेवा’ और ‘इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ’ के तहत संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को कचरे का पृथक्करण, संसाधनों के पुनः उपयोग और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के महत्व से परिचित कराया जाएगा।
मध्य विद्यालय, अरिहाना के शिक्षक विप्लव शांडिल्य ने बताया कि विद्यार्थियों के माध्यम से ई-कचरा प्रबंधन का संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाया जा सकता है। इससे घरों में लंबे समय से अनुपयोगी पड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में नियमित संग्रह व्यवस्था और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है।
अभियान के तहत विद्यालयों में ई-कचरे का अलग से संग्रह, उसके उचित प्रबंधन और अधिकृत एजेंसियों को सौंपने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। इसका व्यापक उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना और सुरक्षित ई-कचरा प्रबंधन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है।