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कौवे को बताया भारत का राष्ट्रीय पक्षी:बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा उत्तर कुंजी में गंभीर गड़बड़ी, विशेषज्ञों ने तैयार किए थे प्रश्नपत्र

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कौवे को बताया भारत का राष्ट्रीय पक्षी:बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा उत्तर कुंजी में गंभीर गड़बड़ी, विशेषज्ञों ने तैयार किए थे प्रश्नपत्र

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की ओर से 16 अगस्त को आयोजित बीएड-एमएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी होने के बाद विवाद उत्पन्न हो गया। इनमें राष्ट्रीय पक्षी से संबंधित प्रश्न का उत्तर 'कौआ' दिया जाना सबसे अधिक चर्चा का विषय रहा।

यह मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी वेबसाइट से पुरानी उत्तर कुंजी हटा दी। बाद में एक संशोधित उत्तर कुंजी जारी की गई। इस प्रवेश परीक्षा में प्रदेशभर से कुल 5352 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी अल्मोड़ा की सोबन सिंह जीना यूनिवर्सिटी और श्रीदेव सुमन यूनिवर्सिटी को मिली थी। सेक्शन ए को छोड़कर बी, सी और डी में सभी प्रश्नों के गलत उत्तर दिखाए गए थे। कौवे को बताया राष्ट्रीय पक्षी

उत्तर कुंजी में सबसे अधिक चर्चा राष्ट्रीय पक्षी से जुड़े प्रश्न के उत्तर को लेकर हुई, जिसमें कौआ को राष्ट्रीय पक्षी बताया गया था। उत्तर कुंजी जारी होने के बाद परीक्षार्थियों में भी नाराजगी देखने को मिली। जोजिला दर्रे को पिथौरागढ़ में बताया आंसर-की में जोजिला दर्रे को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बताया गया है।

जबकि पिथौरागढ़ को तिब्बत से जोड़ने वाले दर्रे का नाम लिपुलेख है। इसी तरह FRI देहरादून को हल्द्वानी में बताया गया है। भारत की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा किस देश के साथ लगती है? इसका जवाब बांग्लादेश की बजाए पाकिस्तान बता दिया है। भविष्य में गलतियां रोकने की मांग

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा कैंपस के छात्रसंघ उपाध्यक्ष भूपेश सिंह गैड़ा ने इस त्रुटि को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि बीएड जैसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी में ऐसी गलती परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।

गैड़ा ने प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी की दोबारा जांच कराने व भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने की मांग की। विशेषज्ञों ने तैयार किए प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर शेखर चंद्र जोशी ने उत्तर कुंजी में हुई गलती को तकनीकी समस्या या मिसप्रिंट का परिणाम बताया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले सभी विशेषज्ञ हैं। गलती सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने तत्काल सुधार करते हुए संशोधित उत्तर कुंजी अपलोड कर दी है। प्रोफेसर जोशी ने इस त्रुटि पर खेद भी व्यक्त किया।

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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