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G-9 केले की खेती कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे साहिबगंज के किसान, त्योहारों में बढ़ी मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
G-9  केले की खेती कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे साहिबगंज के किसान, त्योहारों में बढ़ी मांग

प्राकृतिक खेती से आत्मनिर्भर बन रहीं साहिबगंज की किसान प्रीति देवी, जी-9 केले का कर रहीं उत्पादन, त्योहारों में बढ़ी केले की मांग, पति कुंजू कुजूर और परिवार के अन्य सदस्यों का भी मिल रहा सहयोग।

Short Headline: G-9 केले की खेती कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे साहिबगंज के किसान, त्योहारों में बढ़ी मांग

केले की खेती, साहिबगंज, आनंद

प्राकृतिक खेती से आत्मनिर्भर बन रहीं किसान प्रीति देवी

एक एकड़ में G9 केले की खेती से हो रही अच्छी कमाई

स्थानीय बाजार और स्कूलों में केले की मांग से बढ़ा मुनाफा

एंकर किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए केन्द्र सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। साहिबगंज में किसान आधुनिक कृषि तकनीकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में फलों और सब्जियों की खेती कर रहे हैं। जिले की महिला किसान प्रीति देवी ने एक एकड़ जमीन पर G9 किस्म के केले की खेती शुरू की है। इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 1 साहिबगंज में राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यान विकास योजनाओं के तहत किसानों को फल और सब्जियों की खेती के लिए प्रशिक्षण और कृषि परामर्श दिया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों से जोड़ रहे हैं। इसी मार्गदर्शन का लाभ उठाकर प्रीति देवी ने G9 किस्म के केले की खेती शुरु की। कृषि वैज्ञानिक संजीव कुमार ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों की आय बढ़ाने के प्रतिबद्ध है।

बाइट- संजीव कुमार, कृषि वैज्ञानिक

वीओ 2 कृषि विज्ञान केंद्र साहिबगंज से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रीति देवी ने एक एकड़ जमीन पर केले की खेती शुरू की। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में सभी लागत निकालने के बाद उन्हें करीब 40 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान केले की बढ़ती मांग से उन्हें और बेहतर कमाई की उम्मीद है। वहीं इस काम में पति कुंजू कुजूर और परिवार के अन्य सदस्यों का भी सहयोग मिल रहा है।

बाइट- प्रीति देवी, महिला किसान बाइट- कुंजू कुजूर, किसान

वीओ 3 साहिबगंज के सकरीगली स्थित भगियामारी क्षेत्र के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समितियां प्रीति देवी के बागान से केले खरीदते हैं। इससे एक ओर स्कूलों को केले की आपूर्ति होती है, तो दूसरी ओर महिला किसान को नियमित बाजार मिल रहा है। केले की खेती से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले हैं।

बाइट- मंजू कुजूर, अध्यक्ष, विद्यालय मातृ समिति

बाइट- निखिल कुमार, स्थानीय निवासी

अंतिम वीओ साहिबगंज में प्राकृतिक और जैविक खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक बेहतर विकल्प बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में इस तरह की खेती की व्यापक संभावनाएं हैं। सही प्रशिक्षण, कृषि परामर्श और बाजार की उपलब्धता से किसान कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन कर सकते हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

साहिबगंज से आनंद कुमार ओझा की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।