केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह के प्रस्तावित मध्यप्रदेश दौरे एवं प्रदर्शनी को लेकर तैयारियों की समीक्षा
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डीजीपी कैलाश मकवाणा ने बैठक में सेफ क्लिक, ‘नशे से दूरी है जरूरी’, नक्सलवाद के उन्मूलन एवं हार्टफुलनेस सहित मध्यप्रदेश पुलिस की विभिन्न पहलों एवं अभियानों से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा जनहित से जुड़े अभियानों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने एवं प्रदर्शनी में इन अभियानों की प्रभावी प्रस्तुति तथा इनके माध्यम से पुलिस और नागरिकों के बीच जागरूकता एवं सहभागिता को प्रदर्शित करने पर जोर दिया।
बैठक में ई-जीरो एफआईआर, 1930 साइबर हेल्पलाइन, साइबर कमांडो प्रशिक्षण तथा ‘सेफ क्लिक’ जागरूकता अभियान की प्रगति की जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से 8.6 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाई गई। आतंकवाद प्रतिरोध के अंतर्गत एटीएस की क्षमताओं एवं परिचालन दक्षता तथा अंतरराज्यीय प्रकृति के मामलों में समन्वय पर चर्चा हुई। विदेशियों एवं अवैध प्रवासियों के विरुद्ध कार्रवाई, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण तथा पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय की भी समीक्षा की गई। डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने आधुनिक तकनीक एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था एवं आपराधिक न्याय प्रणाली, नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, ई-समन, मेडिको-लीगल परीक्षण एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग सिस्टम पर प्रस्तुतिकरण दिया। साथ ही अभियोजन निदेशालय, नेटग्रिड के उपयोग, नवीन न्याय संहिता के अंतर्गत दो वर्षों की तुलनात्मक स्थिति, फॉरेंसिक सेवाओं तथा 57 मोबाइल फोरेंसिक वैन की जानकारी दी गई। जेल विभाग द्वारा मॉडल जेल अधिनियम-2023 के अंतर्गत मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदी अधिनियम-2024 तथा मॉडल जेल मैन्युअल-2016 से संबंधित जानकारी साझा की गई।
बैठक के दौरान विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव ने 3 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में अपराध घटित होने से लेकर नागरिक को न्याय मिलने तक की पूरी प्रक्रिया को सरल एवं सहज तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें पुलिस, एफएसएल, अभियोजन, जेल एवं अन्य संबंधित विभागों की भूमिका, आधुनिक तकनीक तथा डिजिटल व्यवस्थाओं को विभिन्न स्टॉल, वीडियो, डिजिटल स्क्रीन, पोस्टर एवं मॉडल के माध्यम से दर्शाया जाएगा।
प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर जागरूकता, नक्सल उन्मूलन, ‘सेफ क्लिक’, ‘नशे से दूरी है जरूरी’ सहित विभिन्न जनहितकारी पहलों एवं उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान, वन एवं वन्यजीवन, पारंपरिक कला-संस्कृति एवं जनजातीय विरासत की झलक भी प्रदर्शनी में शामिल की जाएगी। प्रदर्शनी लगभग पांच दिनों तक संचालित की जाएगी और 3 अक्टूबर से आम नागरिकों के लिए प्रारंभ होगी।