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केंद्रीय जेल भोपाल में आयोजित हुआ भव्य जन्माष्टमी समारोह, मुख्यमंत्री ने पात्र बंदियों को एक माह के विशेष सज़ा माफ की घोषणा की

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
केंद्रीय जेल भोपाल में आयोजित हुआ भव्य जन्माष्टमी समारोह, मुख्यमंत्री ने पात्र बंदियों को एक माह के विशेष सज़ा माफ की घोषणा की

बंदियों ने कृष्ण की जीवन लीलाओं पर प्रस्तुत की नाट्य-नाटिका, जेल सुधार और पुनर्वास योजनाओं पर भी मुख्यमंत्री ने रखी बात

भोपाल। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर केंद्रीय जेल भोपाल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस दौरान बंदियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी जीवन लीलाओं पर आधारित नाट्य-नाटिका प्रस्तुत कर सत्य, कर्तव्य, सदाचार और मानवता के मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर जेल में निरुद्ध सभी पात्र बंदियों की सजा में एक माह का विशेष परिहार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जेलों में सुधार, बंदियों को विधिक सहायता, गरीब बंदी सहायता योजना और पुनर्वास जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दे रही है।

बंदियों की आवास सुविधा बढ़ाने के लिए नई बैरकों का निर्माण भी कराया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों में सुधार और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी है। इसी दिशा में विभिन्न सुधारात्मक और पुनर्वास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर ने जेल विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पिछले एक वर्ष के दौरान जेल विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।

उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश की जेलों में बंदियों द्वारा सामूहिक योग, 6 फरवरी को आध्यात्मिक संत ज्ञानानंद जी महाराज के प्रवचन का प्रदेश की सभी जेलों में एक साथ लाइव प्रसारण और 17 अगस्त 2026 को सावन के सोमवार पर केंद्रीय जेल इंदौर में करीब 1200 पुरुष एवं महिला बंदियों द्वारा सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण के कार्यक्रमों को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन में दर्ज किया गया है।

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डॉ. कपूर ने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से बंदियों के सुधार, पुनर्वास तथा मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

इसके लिए जेलों में वार्षिक कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसके अनुसार आर्ट ऑफ लिविंग, विपश्यना मेडिटेशन सेंटर, गायत्री परिवार, रामचंद्र मिशन-हार्टफुलनेस और ईशा फाउंडेशन सहित विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

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उन्होंने बताया कि गरीब बंदी सहायता योजना, विधिक सहायता योजना तथा पात्र पुरुष और महिला बंदियों को ओपन जेल भेजने जैसी योजनाओं का भी संचालन किया जा रहा है।

समय पूर्व रिहाई नीति के तहत गणतंत्र दिवस, डॉ. आंबेडकर जयंती, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस जैसे अवसरों पर पात्र बंदियों को नियमानुसार सजा में परिहार देकर रिहा किया जाता है।

बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश जेल विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गुजरात के बीच समझौता ज्ञापन भी किया गया है। विभाग के अनुसार इसका उद्देश्य बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुधारात्मक प्रक्रिया को और मजबूत करना है।

कार्यक्रम में जेल विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश चंद गुप्ता, उप सचिव कमलचंद्र नागर, विशेष महानिदेशक जेल जी. अखेतो सेमा, अतिरिक्त महानिदेशक जेल संजय पाण्डेय, जेल उप महानिरीक्षक एम. आर. पटेल सहित जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।