केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की
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उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से केंद्र तथा अन्य हितधारकों के साथ तालमेल बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि कृषि विज्ञान केंद्र कृषि तकनीक के प्रसार, कौशल विकास, नवाचार और ग्रामीण उद्यमिता के प्रभावी मंच के रूप में उभर सकें। राज्यों से इन केन्द्रों में खाली पड़े पदों को समय पर भरने को कहा गया है, ताकि इनका कामकाज सुचारू रूप से चल सके।
इसके साथ ही, दिसंबर 2028 तक सभी कृषि विज्ञान केंद्रों में 'इंक्यूबेशन-सह-कौशल केंद्र' स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत केवीके को कृषि आधारित उद्योगों, तकनीकी संस्थानों और स्थानीय कृषि संभावनाओं से जोड़ा जा रहा है। बैठक में 'प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना' को सफल बनाने में कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
राज्यों से कहा गया है कि वे इस योजना के अंतर्गत जिला-विशिष्ट कार्ययोजनाओं को लागू करने के लिए केवीके को पर्याप्त धन उपलब्ध कराएं।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
कृषि विज्ञान केंद्रों को कृषि तकनीक के प्रसार, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के लिए प्रमुख मंच के रूप में उभरने की आवश्यकता पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। यह विषय किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय से नवीन तकनीकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्रता से किसानों तक पहुँचेंगे। यदि केंद्रों में खाली पद समय पर भरे जाएँ, तो कार्यकुशलता बढ़ेगी, जिससे कि