अपराध

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने जब्त किया 1 किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक गांजा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने जब्त किया 1 किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक गांजा

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) जयपुर ने शहर के विदेशी डाकघर में थाईलैंड से आए अंतरराष्ट्रीय पार्सल में छिपाया गया एक किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि प्रतिबंधित मादक पदार्थ को 29 पाउच में छिपाकर अन्य वस्तुओं के साथ मिलाकर छुपाया गया था। गांजे को स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस-एक्ट) 1985 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत जब्त किया गया है।

ब्यूरो की मध्य प्रदेश इकाई ने कंजरदा-मानसा रोड पर एक मोटरसाइकिल से दो पैकेटों में रखी गई चार किलोग्राम से अधिक अफीम जब्त की और विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। मध्य प्रदेश इकाई ने एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अंतर्गत अधिकृत निपटान प्रक्रिया के माध्यम से मध्य प्रदेश के खोर में जब्त किए गए 10,842 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया।

यह अभियान मादक पदार्थ निपटान समिति की देखरेख में और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक प्रतिनिधि की उपस्थिति में चलाया गया। सीबीएन ने निपटान प्रक्रिया के अंतर्गत जब्त की गई 154 किलोग्राम से अधिक अफीम को नीमच स्थित सरकारी अफीम और एल्कलॉइड कारखाने में जमा कर दिया।

मंत्रालय ने कहा कि सीबीएन द्वारा जब्त मादक पदार्थों का विनाश या निपटान लागू प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि जब्त किया गया प्रतिबंधित पदार्थ अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क में दोबारा प्रवेश न करे और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से नष्ट हो जाए।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा हाइड्रोपोनिक गांजे की जब्ती हमें यह सिखाती है कि अवैध दवाओं का मार्ग केवल विनाश ही नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है। यदि कोई नशे की लत से जूझ रहा हो, तो परिवार, मित्र और पेशेवर सहायता से जुड़ें—कानूनी सहायता, पुनर्वास कार्यक्रम और मनोवैज्ञानिक परामर्श। समाज को नशे के शिकारों के प्रति सहानुभूति दिखानी चाहिए और उन्हें स्वस्थ भविष्य की ओर मार्गदर्शन देना चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।