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केरल के पूर्व CM को ED का समन:घर पर नोटिस चिपकाया, मनी लॉन्ड्रिंग-भ्रष्टाचार मामले में दो FIR पहले से दर्ज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
केरल के पूर्व CM को ED का समन:घर पर नोटिस चिपकाया, मनी लॉन्ड्रिंग-भ्रष्टाचार मामले में दो FIR पहले से दर्ज

केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन को शनिवार को ED ने समन भेजा। तिरुवनंतपुरम स्थित किराए के घर पर समन का नोटिस चिपकाया। एजेंसी ने उन्हें 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे पेश होकर बयान दर्ज कराने और संबंधित रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। विजयन पर दो कंपनियों सीएमआरएल और एक्सालॉजिक के बीच हुए पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी का आरोप है।

जिसमें से एक कंपनी एक्सालॉजिक उनकी बेटी की है। विजयन पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। इस मामले में केरल विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो ने पहले से ही दो FIR दर्ज की हैं। अब मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हाथों में है। इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने विजयन की उस तत्काल याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

जिसमें उन्होंने 2.78 करोड़ रुपये के सीएमआरएल और एक्सालॉजिक मामले में विजिलेंस की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। विजयन ने गिरफ्तारी की आशंका भी जताई थी। मामला 2017-20 का, विजयन की बेटी की कंपनी शामिल CMRL (कोच्चिन मिनरल्स एंड रुलाइट लिमिटेड) केरल की एक कंपनी है। एक्सालॉजिक साल्यूशंस एक IT कंपनी थी, जिसे पिनराई विजयन की बेटी टी.

वीणा चलाती थीं। आरोप है कि 2017 से 2020 के बीच CMRL ने एक्सालॉजिक और वीणा को करोड़ों रुपये का भुगतान किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इनमें से कुछ भुगतान वास्तविक IT/कंसल्टेंसी सेवाओं के बदले नहीं किए गए थे। शुरुआत में इन भुगतानों का मामला इनकम टैक्स की जांच में सामने आया। बाद में ED और SFIO ने भी वित्तीय लेनदेन की जांच की। पैसे को लेकर आरोप क्या है?

ED के अनुसार, एक्सालॉजिक को करीब ₹2.78 करोड़ का भुगतान किया गया था, जिसे IT कंसल्टेंसी और दूसरी सेवाओं की फीस के रूप में दिखाया गया। जांच में यह सवाल उठा कि क्या वास्तव में उतनी सेवाएं दी गई थीं, जितने पैसे लिए गए?

ED का आरोप है कि भुगतान का संबंध वीणा के पिता पिनराई विजयन की राजनीतिक स्थिति से था और इन्हें सामान्य कारोबारी भुगतान के रूप में दिखाया गया। हालांकि ये आरोप हैं, अदालत में अभी दोष साबित नहीं हुआ है। मामला पिनराई विजयन तक कैसे पहुंचा?

ED ने अपनी जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी के आधार पर राज्य पुलिस को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी। इसके बाद केरल हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर 2026 को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद केरल विजिलेंस ने प

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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