अपराध

खैरथल-तिजारा में छापा, 220 किलो खाद्य पदार्थ नष्ट और 120 किलो घी जब्त

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
खैरथल-तिजारा में छापा, 220 किलो खाद्य पदार्थ नष्ट और 120 किलो घी जब्त

खैरथल-तिजारा के किशनगढ़बास क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। जांच के दौरान 220 किलो बदबूदार कलाकंद और मिश्रित दूध नष्ट करवाया गया, जबकि 120 किलो देसी घी जब्त कर नमूने जांच के लिए भेजे गए।

खैरथल-तिजारा, 20 अक्टूबर। जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। किशनगढ़बास क्षेत्र के बेड़ा का बास में प्रतिष्ठानों पर जांच के दौरान करीब 120 किलो बदबूदार कलाकंद और 100 किलो बदबूदार मिश्रित दूध नष्ट करवाया गया। वहीं, एक अन्य प्रतिष्ठान से करीब 120 किलो देसी घी जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत यादव ने बताया कि संयुक्त टीम ने मैसर्स कमरुद्दीन और मैसर्स सुमरदिन के प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों की जांच की।

मैसर्स कमरुद्दीन के प्रतिष्ठान से दूध, कलाकंद और मिल्क पाउडर के नमूने लिए गए। जांच के दौरान मौके पर करीब 120 किलो बदबूदार कलाकंद और 100 किलो बदबूदार मिश्रित दूध पाया गया, जिसे नष्ट करवाया गया।

कार्रवाई के दौरान मैसर्स सुमरदिन के प्रतिष्ठान से दूध, कलाकंद और पोद्दार ब्रांड के देसी घी के नमूने लिए गए। इसके साथ ही करीब 120 किलो देसी घी जब्त किया गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी एकत्रित नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट होगी।

अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस संयुक्त कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत यादव, जिला स्पेशल टीम के पुलिस निरीक्षक गौरव कुमार, महिपाल सिंह सहित अन्य टीम सदस्य मौजूद रहे।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य सामग्री से बचाना है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।