खंडवा में AIMIM में बड़ी बगावत, इकलौती पार्षद समेत कई नेताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ
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बिलाल पेंटर के निष्कासन के बाद संगठन में बढ़ी नाराजगी, पूर्व पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कांग्रेस में शामिल
खंडवा, 4 सितंबर। खंडवा में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के भीतर चल रहा संगठनात्मक विवाद अब बड़ी राजनीतिक टूट के रूप में सामने आया है।
पार्टी के प्रमुख स्थानीय नेता बिलाल पेंटर के निष्कासन के बाद AIMIM की इकलौती पार्षद शाकिरा बिलाल पेंटर समेत कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। इस घटनाक्रम को खंडवा में AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में AIMIM पार्षद शाकिरा बिलाल पेंटर, पूर्व शहर अध्यक्ष बिलाल पेंटर, पूर्व यूथ अध्यक्ष मुस्तकीम तिगाला और महिला विंग की सचिव सहाना सैय्यद साह ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस नेताओं ने सभी नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया।
AIMIM के भीतर विवाद की शुरुआत बिलाल पेंटर के खिलाफ पार्टी की कार्रवाई से हुई। पार्टी ने उन्हें संगठन से निष्कासित करते हुए प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने के साथ सभी पद और जिम्मेदारियां वापस ले ली थीं। इसके बाद संगठन में असंतोष की खबरें सामने आईं और कई कार्यकर्ताओं के इस्तीफा देने की बात भी सामने आई।
शाकिरा बिलाल पेंटर का कांग्रेस में शामिल होना इस घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बनाता है। वह खंडवा नगर निगम में AIMIM की इकलौती पार्षद थीं। 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में उनके जीतने के साथ AIMIM ने मध्यप्रदेश में पहली बार चुनावी सफलता दर्ज की थी।
ऐसे में पार्षद सहित पार्टी के प्रमुख स्थानीय चेहरों का कांग्रेस में जाना AIMIM के स्थानीय संगठन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है। कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं ने पार्टी की विचारधारा में विश्वास जताते हुए जनहित के मुद्दों पर काम करने की बात कही।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि नए साथियों के जुड़ने से कांग्रेस संगठन को मजबूती मिलेगी और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष को नई ताकत मिलेगी। बिलाल पेंटर के निष्कासन से शुरू हुआ विवाद अब AIMIM के प्रमुख स्थानीय चेहरों के कांग्रेस में जाने तक पहुंच गया है।
इससे खंडवा की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना बढ़ गई है। आने वाले समय में इस घटनाक्रम का AIMIM के संगठन और नगर निगम की राजनीति पर कितना असर पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
खंडवा में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के भीतर चल रहा विवाद अब बड़े पैमाने पर राजनीतिक टूट के रूप में सामने आया है। बिलाल पेंटर के निष्कासन के बाद संगठन में नाराजगी बढ़ी, और इकलौती पार्षद शाकिरा बिलाल पेंटर समेत कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हो गए। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि AIMIM के अंदर की फूट कितनी गहरी है और कैसे यह स्थानीय राजनीति को प्रभावित कर रही है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि चुनावी ध्रुवीकरण बढ़े, और मतदाता अपन