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खंडवा के हरसूद में ‘निमाड़ की कलाओं का उत्सव’, लोककला और संत परंपरा ने बिखेरा रंग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
खंडवा के हरसूद में ‘निमाड़ की कलाओं का उत्सव’, लोककला और संत परंपरा ने बिखेरा रंग

गम्मत, भीली गायन और गणगौर नृत्य की प्रस्तुतियों से सजी महफिल

53 कलाकारों ने नृत्य-नाटिका में संत सिंगाजी महाराज की जीवन यात्रा को किया जीवंत

खंडवा, अक्टूबर 4: जिले के हरसूद में दो दिवसीय ‘निमाड़ की कलाओं का उत्सव–खेती खेड़ो हरिनाम की’ का आयोजन किया गया। संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित समारोह में निमाड़ की लोककला, संस्कृति और संत परंपरा की झलक देखने को मिली। पहले दिन कलाकारों ने गम्मत, भीली गायन और गणगौर नृत्य की प्रस्तुतियां दीं।

दूसरे दिन संत सिंगाजी महाराज के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गई। करीब एक घंटे 40 मिनट की इस नाटिका में 53 कलाकारों ने संवाद, अभिनय और नृत्य के जरिए संत सिंगाजी के जन्म से समाधि तक की जीवन यात्रा को मंच पर जीवंत किया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि संतों के जीवन और विचारों से नई पीढ़ी को परिचित कराना जरूरी है, ताकि युवा अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझ सकें।

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बाइट – डॉ. कुंवर विजय शाह, जनजातीय कार्य मंत्री, मध्यप्रदेश

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।