अपराध

खंडवा जिला जेल में अनूठी पहल, बंदियों ने किया पितरों का विधि-विधान से तर्पण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
खंडवा जिला जेल में अनूठी पहल, बंदियों ने किया पितरों का विधि-विधान से तर्पण

लंबी सजा काट रहे उन बंदियों के लिए हुआ आयोजन

जिनके परिजन नहीं कर पा रहे थे तर्पण गायत्री परिवार के सहयोग से जेल परिसर में संपन्न हुआ कार्यक्रम

खंडवा, सितंबर 30: पितृ पक्ष को लेकर देश भर में जहां पितरों को तर्पण देने का कार्य चल रहा है वही खंडवा जिला जेल में जेल प्रबंधन द्वारा एक अद्भुत नवाचार किया गया। ऐसे बंदी जो लंबे समय से जेल में बंद हैं और उनके पितरों का तर्पण कार्यक्रम करने वाला कोई नहीं है ऐसे बंधिया को खंडवा जिला जेल प्रबंधन द्वारा गायत्री परिवार के साथ सामूहिक रूप से खंडवा जिला जेल में तर्पण कार्यक्रम का आयोजन विधि विधान से आयोजित किया गया खंडवा जिला जेल सुपरिंटेंडेंट देवेंद्र कुमार सारस ने बताया लोग नेक बने और नेकी की राह पर चलें जेल में बंदियों को डालने का यही मकसद होता है।

अपनों से बिछड़े लंबी सजायाफ्ता वाले इन बंदियों के लिए खंडवा जिला जेल में इस तरह का पहला नवाचार किया गया जहां बंदियों के द्वारा अपने पितरों को विधि विधान से तर्पण किया गया।

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बाइट - देवेंद्र कुमार सारस - जेल सुपरिंटेंडेंट, खंडवा

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

जेल में पिताओं के तर्पण की अनूठी पहल हमें यह सिखाती है कि दया और सहानुभूति की कोई सीमा नहीं होती। जब परिवार अलग हो जाएँ, तो संवाद और समझदारी से समाधान खोजें, न कि हिंसा से। समाज को एकजुट होकर ऐसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना चाहिए, ताकि अपराध के बाद भी मानवता की रोशनी बनी रहे। इस प्रयास से हमें यह याद दिलाता है कि हर व्यक्ति को सम्मान और गरिमा का अधिकार है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।