राज्य

खरगोन - 16 वर्गफीट की विशाल राखी से सजे सिद्धि विनायक

लेखक: DD Bhopal अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
खरगोन - 16 वर्गफीट की विशाल राखी से सजे सिद्धि विनायक

16 वर्गफीट की विशाल राखी से सजे सिद्धि विनायक, 12 ज्योतिर्लिंगों के चित्रों से दिखी आस्था की अनूठी झलक खरगोन - रक्षाबंधन पर्व पर खरगोन के प्राचीन ऐतिहासिक सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में आस्था और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां भगवान गणेश को 16 वर्गफीट की विशाल राखी बांधी गई।

खास बात यह रही कि इस विशाल राखी को बहन पलक ने अपने हाथों से करीब 15 दिनों की मेहनत से तैयार किया है। राखी को आकर्षक बनाने के लिए इसमें देश के 12 ज्योतिर्लिंगों के चित्र सजाए गए हैं। खरगोन में रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत भगवान गणेश को राखी बांधकर करने की वर्षों पुरानी परंपरा है।

इसी परंपरा के तहत शुक्रवार सुबह सिद्धि विनायक मंदिर में भगवान गणेश को विधि-विधान से विशाल राखी बांधी गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन कर रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत की। 12 ज्योतिर्लिंगों के चित्र बने आकर्षण का केंद्र

विशाल राखी पर बनाए गए 12 ज्योतिर्लिंगों के चित्र श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। राखी को देखने और भगवान सिद्धि विनायक के दर्शन करने के लिए सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। लोगों ने विशाल राखी की तस्वीरें भी लीं और इसे आस्था व रचनात्मकता का अनूठा उदाहरण बताया।

राखी तैयार करने वाली बहन पलक भालसे ने बताया कि भगवान गणेश को यह राखी लोगों की सुरक्षा और खरगोन सहित पूरे प्रदेश तथा देश में सुख-समृद्धि की कामना के साथ बांधी गई है। उन्होंने बताया कि राखी को तैयार करने में करीब 15 दिन लगे। इसे विशेष रूप से विशाल आकार में तैयार किया गया है, जिसका क्षेत्रफल करीब 16 वर्गफीट है।

भगवान गणेश को राखी बांधने के बाद ही मनता है रक्षाबंधन मंदिर के पुजारी प्रणय भट्ट ने बताया कि सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में भगवान गणेश को राखी बांधने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। खरगोन में मान्यता है कि सबसे पहले भगवान गणेश को राखी बांधी जाती है और इसके बाद ही भाई-बहन रक्षाबंधन का पर्व मनाते हैं।

इसी परंपरा को निभाते हुए हर वर्ष भगवान सिद्धि विनायक को विशेष राखी अर्पित की जाती है। इस बार 16 वर्गफीट की विशाल राखी और उस पर उकेरे गए 12 ज्योतिर्लिंगों के चित्रों ने पर्व की भव्यता को और बढ़ा दिया। मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच विशाल राखी दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।

D
DD Bhopal

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।