राज्य

खरगोन में 7 गांवों की 50 बालिकाओं को कानून और न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी

लेखक: Lala Jamalkar अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
खरगोन में 7 गांवों की 50 बालिकाओं को कानून और न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी

अपराध से बचाव, अधिकारों की समझ और सुरक्षित व्यवहार के साथ नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर दिया जोर

वायस ऑफ क्रांति न्यूज़, खरगोन, लाला जमालकर

खरगोन। बालिकाओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों, न्यायिक प्रक्रिया और अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जन साहस संस्था की ओर से विशेष जागरूकता एवं क्षमता-विकास कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सात गांवों की करीब 50 बालिकाओं ने सहभागिता की। कार्यशाला में बालिकाओं को कानून की जानकारी देने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग, आत्मविश्वासी और समाज में सकारात्मक बदलाव की अगुवाई करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यशाला में टीआई रीना इक्का और एडीपीओ सरिता चौहान ने बालिकाओं को कानून के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में दी। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण, छेड़छाड़ या अन्य अपराध की स्थिति में घबराने के बजाय अपने अधिकारों को समझना और उचित कानूनी कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने बालिकाओं को यह भी बताया कि किसी घटना की स्थिति में पुलिस और संबंधित कानूनी व्यवस्था से किस तरह सहायता ली जा सकती है।

एडीपीओ सरिता चौहान ने न्यायालय की कार्यप्रणाली और न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि अपराध की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस जांच किस तरह आगे बढ़ती है, मामला न्यायालय तक कैसे पहुंचता है और इसके बाद न्यायालय में किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इससे बालिकाओं को कानून और न्याय व्यवस्था को समझने में मदद मिली।

टीआई रीना इक्का ने अपराधों से बचाव, सतर्कता और सुरक्षित व्यवहार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि किसी भी असहज या खतरे की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

कार्यशाला का उद्देश्य केवल बालिकाओं को कानूनी जानकारी देना नहीं था, बल्कि उन्हें अपने गांव और समुदाय में बदलाव की नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना भी रहा। जन साहस संस्था के अनुसार बालिकाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित होने से वे बाल विवाह, बाल हिंसा, लैंगिक भेदभाव और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।

कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने कानून, पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल भी पूछे। अधिकारियों ने उनके सवालों के जवाब देते हुए उन्हें कानून की जानकारी हासिल करने और किसी भी समस्या की स्थिति में सही निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित किया। अधिकारियों ने कहा कि कानून की समझ, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता बालिकाओं के सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

जन साहस संस्था के जिला समन्वयक इरफान खान ने बताया कि संस्था लगातार समुदाय के साथ मिलकर बालिकाओं और महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास है कि बालिकाएं अपने अधिकारों को समझें, अपराध और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं तथा समाज में जिम्मेदार और प्रभावी नेतृत्व की भूमिका निभाएं।

कार्यशाला में जन साहस संस्था के क्लस्टर कोऑर्डिनेटर सुनील चौहान, जिला प्रिवेंशनिस्ट पिंकी चौहान, नूरी धार्वे सहित संस्था के अन्य कार्यकर्ता और प्रतिभागी मौजूद रहे। कार्यशाला में शामिल बालिकाओं ने कानून और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।

L
Lala Jamalkar

लाला जमालकर खरगोन के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं। लंबे समय से क्षेत्र की स्थानीय खबरों, जनसमस्याओं और सामाजिक सरोकारों को अपनी लेखनी के माध्यम से सामने ला रहे हैं। उनका अनुभव और जमीनी पत्रकारिता महत्वपूर्ण है।