खत्म हो जाएगा युद्ध? पुतिन ने उतारा डेडली वेपन, पूरी दुनिया हैरान!

रूस का ब्रह्मास्त्र बता रहा है कि यूक्रेन से जंग अभी और लंबी चलने वाली है। पिछले हफ्ते यूक्रेनी ड्रोंस ने जिस तरह मॉस्को में तबाही मचाई जंग के मैदान में रूसी सैनिकों को खदेड़-खदेड़ कर मारा उसका जवाब रूस की सेना ने तैयार कर लिया है।
पेंटासे एसएमडी नाम का यह एयर डिफेंस सिस्टम अब युद्ध के मोर्चे पर तैनात होगा तो ड्रोन से लेकर बैलस्टिक मिसाइल तक इसकी रेंज को पार नहीं कर पाएगी। यह सब कुछ हवा में ही ध्वस्त कर देगा। रूस यूक्रेन की जंग में मिसाइलों से भी घातक साबित हुए हैं ड्रोन।
खासतौर से यूक्रेन को सप्लाई किए गए यूरोपियन ड्रोन जिन्होंने इसी हफ्ते मॉस्को में भयंकर तबाही मचाई थी। 16 अगस्त की रात को यूक्रेन ने जिस तरह मॉस्को पर 1000 से ज्यादा ड्रोन हमले किए उससे मॉस्को का पूरा एयर डिफेंस सिस्टम चरमरा गया। लेकिन अब रूस ने बनाया यूक्रेनी ड्रोंस का कार। ब्रह्मास की तरह है रूस का पेंटसीर एसएमडी।
इसे भी पढ़ें: भारत का Double Dhamaal, इधर वेनेजुएला के तेल के कुओं पर कब्जा, उधर रूस में मिला आयल जैकपॉट पेंटसीर एमएसडी को ब्रह्मास्त्र क्यों कहा जा रहा है? यह इसकी खूबियां बताती है। यह जहां भी तैनात होगा वहां से कोई भी ड्रोन गुजर नहीं सकता।
पेंटसी को खासतौर पर बड़े पैमाने पर होने वाले हवाई हमलों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। इसकी सबसे अहम खासियतों में से एक है ड्रोन के झुंड यानी बड़ी गिनती में एक साथ आने वाले यूए से मुकाबला करने की क्षमता। फिटसीन को मुख्य रूप से कम दूरी के हवाई खतरों से सुरक्षा के लिए बनाया गया है।
रूस के मुताबिक इसका इस्तेमाल ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलेस्टिक मिसाइल जैसे खतरों को रोकने के लिए किया जा सकता है। नए सिस्टम को अलग-अलग तरह के हवाई हमलों के हिसाब से क्फ़िगर किया जा सकता है। इसके लॉन्च रैंक में मिशन के अनुसार अलग-अलग इंटरसेप्टर लगाए जा सकते हैं और सिस्टम में कुल 48 राउंड तक रखे जा सकते हैं।
रूसी सेना के मुताबिक पडसीर का यह अपडेटेड वर्जन 24 घंटे अलर्ट पर रहकर हवाई खतरों पर नजर रखता है। इसका मकसद सिर्फ सैनिकों की सुरक्षा करना नहीं बल्कि अहम सैन्य और नागरिक ठिकानों को भी हवाई हमलों से बचाना है। पेंटसीर के पुराने वर्जन के साथ रूसी सेना यूक्रेन के सुसाइड ड्रोंस पर इस वेपन से नजर रखते थे।
यह सुसाइड ड्रोन को निशाना साधने वाला खास मशीन था जिस पर क्लास निको का मशीन गन लगा हुआ है। इसे भी पढ़ें: कौन सा नक्शा देख इतना भड़क गया इजरायल? भारत के दुश्मन पर दाग दिए सैकड़ों बम रूसी सेना जान चुकी है कि ड्रोन इस पूरे जंग में कैसे सैनिकों पर भारी पड़ रही है। जैसा कि आप इस वीडियो में देख सकते हैं।
इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि ड्रोन किस तरह युद्ध में इंसानों पर भारी पड़ रहा है। रूस के सैनिकों के पीछे पड़े इस यूक्रेनी ड्रोन को देखिए। रूसी सैनिक जब फायरिंग कर रहे हैं। लेकिन ड्रोन की धनादन फायरिंग का कोई जवाब नहीं। आखिर में इस गुफा में छिपने की कोशिश करते सभी रूसी सैनिकों को यूक्रेन का यह ड्रोन मार गिराता है।
यूक्रेनी सैनिक सिर्फ ड्रोन के सटीक अटैक ही नहीं कर रहे बल्कि रूसी ड्रोन को निशाना भी बखूबी साध रहे हैं। इस वीडियो में एक यूक्रेनी सैनिक ड्रोन पर निशाना साध रहा है। उसके पास जर्मन एमएम एमजीसी मशीन गन है जिससे वो रूसी ड्रोन को हवा में ही उड़ा देता है।
रूस यूक्रेन के पिछले 4 साल की जंग में रूसी सेना का मुकाबला ड्रोन जैसे छोटी हथारों से ही जैसा कि हमने पहले बताया 16 अगस्त की रात जिस तरह यूक्रेन ने मॉस्को पर हमला बोला वो अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन अटैक था। यूक्रेन के ड्रोन ने राजधानी मॉस्को पारिक क्षेत्र के तीन शहरों में भारी तबाही मचाई।
यूक्रेन के हमले में रूस में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई।
📡 स्रोत: NewsData.io