खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक ने विभागीय अधिकारियों और खेल संघों की ली बैठक
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रायपुर, 18 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों को अधिक अवसर और मंच उपलब्ध कराने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग खेल संघों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दे रहा है। विभाग की संचालक आकांक्षा खलखो ने कल रायपुर में 25 से अधिक राज्य खेल संघों के पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सभी संघों को वार्षिक खेल कैलेंडर विभाग को भेजने और 33 जिलों में जिला स्तरीय खेल संघों के पंजीयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में दूरस्थ क्षेत्रों में खेल गतिविधियां बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक आकांक्षा शिक्षा खलखो ने सभी खेल संघों को अपना वार्षिक खेल कैलेंडर अनिवार्य रूप से खेल संचालनालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों की पूर्व नियोजित जानकारी उपलब्ध होने से विभाग और संघ मिलकर प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण तथा खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की बेहतर तैयारी कर सकेंगे। उन्होंने प्रदेश के सभी 33 जिलों में जिला स्तरीय खेल संघों के चरणबद्ध पंजीयन और विभागीय मान्यता की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में बस्तर और सरगुजा संभाग के साथ दूरस्थ अनुसूचित क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। सुश्री खलखो ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को अवसर केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त मंच मिलें। इसके लिए जिला स्तर पर खेल संघों की सक्रिय भूमिका अहम है।
खेल संचालक ने वर्तमान में जारी टॉप-100 एथलीट्स में शामिल अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से संबंधित अप्राप्त जानकारी भी जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुगमता के साथ खिलाड़ियों से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रखने को कहा।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
छत्तीसगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने रायपुर में 25 से अधिक राज्य खेल संघों के प्रमुखों के साथ बैठक की, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और मंच मिल सके। यह कदम खिलाड़ियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे खेल कैलेंडर को समन्वित किया जा सकेगा और जिला स्तरीय संघों का पंजीकरण तेजी से होगा। ऐसी व्यवस्था से युवा प्रतिभाओं को प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अधिक मौके मिलेंगे, जिससे राज्य की खेल छवि और प्रतिस्पर्धात्मक स्तर में सुधार होगा।