‘खुद को ठेकेदार...’, सौरव दास का CJP के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से पहले बड़ा बयान
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SIR से संबंधित विवाद को लेकर CJP ने मुंबई में प्रोटेस्ट किया था. इस पर कई लोगों ने फाउंडर अभिजीत दीपके की आलोचना की थी.
इस पर आशुतोष रांका ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि अभिजीत दीपके की आलोचना करने के लिए एक पूरा खुद को लिबरल कहने वाला इकोसिस्टम सक्रिय हो गया है.यह आलोचना इसलिए हो रही है क्योंकि वे बहुत लंबे समय बाद लाखों भारतीयों का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब रहे हैं.
मजेदार बात यह है कि यह इकोसिस्टम सिर्फ ट्विटर पर ही मौजूद है, लेकिन फिर भी उन्हें लगता है कि वे ही लोकतंत्र के एकमात्र रक्षक हैं.
आशुतोष के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह एक बहुत बड़ी समस्या है.
एक खास वर्ग, जिसमें सिर्फ़ बीजेपी ही नहीं, बल्कि दूसरी पार्टी भी यह सोचता है कि भारत को बचाना और संविधान को बचाना सिर्फ उन्हीं का काम है. वे खुद को लिबरल और संविधान का ठेकेदार मानते हैं.
It s a very big problem.
A certain section not just the BJP another party thinks saving India, saving constitution is only their job.
They are self-declared liberals and self-declared thekedars of the constitution.
It s a very salty ecosystem, acting worse than the BJP s https://t.co/RnbXSeX630
Saurav Das (@SauravDassss) October 3, 2026
SIR को लेकर CJP का विरोध जारी
CJP पिछले कुछ समय से SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है.
संगठन ने SIR प्रक्रिया को रोकने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत कई मांगें रखी हैं. 2 अक्टूबर को मुंबई में CJP के प्रदर्शन को लेकर भी संगठन और पुलिस के बीच अनुमति का मुद्दा सामने आया था.
बाद में प्रदर्शन और आंदोलन
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इस खबर का विषय सौरव दास के बड़े बयान और CJP के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से पहले की घटनाएँ हैं, जिसमें फाउंडर अभिजीत दीपके की आलोचना पर आशुतोष रांका ने ट्विटर पर टिप्पणी की। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजनीतिक और सामाजिक संवाद में लिबरल इकोसिस्टम के सक्रिय होने को दर्शाता है, और बड़े नामों की आलोचना पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया को उजागर करता है। जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग राजनीतिक नेताओं और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय साझा करने में अधिक सक्रिय हों, और सामाजिक मीडिया पर चर्चा तेज़ी से बढ़े