एक किमी का मुख्य बाजार शाम होते ही अंधेरे में
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →जिले की ग्राम पंचायत ऊहर के मुख्य मार्ग को रोशन करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। करीब एक किमी लंबा यह व्यस्त व्यापारिक मार्ग शाम होते ही पूरी तरह अंधेरे में डूब जाता है। बाजार क्षेत्र में बिजली के जर्जर खंभे और केबल तो मौजूद हैं, लेकिन ग्राम पंचायत ने इन खंभों पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगवाई है।
पूरे मार्ग पर केवल एक लाइट जल रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, शाम के समय बाजार में अंधेरा रहने से ग्राहकों, खासकर महिलाओं और स्कूल-कॉलेज व कोचिंग से लौटने वाली छात्राओं को आवागमन में असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ने और चोरी जैसी वारदातों का डर भी बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास रोशनी की व्यवस्था है, लेकिन मुख्य व्यापारिक सड़क अंधेरे में रहती है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत बासौदा से समस्या का जल्द निराकरण कराने की मांग की है। इससंबंध में पंचायत सचिव विनीत शर्मा का कहना है कि स्ट्रीट लाइट के लिए अलग से फंड नहीं मिलता।
ऊपर से फंड आने पर लाइटें लगवाई जाती हैं। अभी ग्राम पंचायत के पास बजट नहीं है। जैसे ही बजट आएगा, लाइटें लगवा दी जाएंगी। तीन सवाल, जिनका जवाब चाहती है जनता जब मार्ग पर बिजली के खंभे पहले से खड़े हैं तो पंचायत ने उन पर लाइट लगाने का प्रस्ताव क्यों नहीं बनाया?
पंचायत को मिलने वाले बुनियादी विकास फंड और स्थानीय प्रकाश व्यवस्था के बजट का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग क्यों नहीं हो पा रहा है?
क्या प्रशासन किसी बड़ी वारदात या दुर्घटना का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद बाजार को रोशन किया जाएगा?
📡 स्रोत: NewsData.io