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किरनापुर थाने में पत्थरबाजी-तोड़फोड़ मामले में ढाबा संचालक पकड़ाया:एसपी बोले- कई गांवों में शराब बंटी, हिंसा प्लान थी, पूर्व सांसद का ट्रैक रिकॉर्ड देख रहे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 21 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
किरनापुर थाने में पत्थरबाजी-तोड़फोड़ मामले में ढाबा संचालक पकड़ाया:एसपी बोले- कई गांवों में शराब बंटी, हिंसा प्लान थी, पूर्व सांसद का ट्रैक रिकॉर्ड देख रहे

बालाघाट जिले के किरनापुर पुलिस थाने में 15 सितंबर को मरार माली समाज के आंदोलन के दौरान हुई पत्थरबाजी और तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने 63 नामजद समेत करीब 100 से 200 अनजान लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। रविवार को एसपी आदित्य मिश्रा ने खुलासा किया कि यह पूरा घटनाक्रम सुनियोजित और प्रायोजित था।

एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि मामले में अब तक 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में ढाबा संचालक विकास कुमार डहाटे भी शामिल है। उसने पूछताछ में बताया कि स्वप्निल वराडे ने 'भाऊ' नामक व्यक्ति के लिए उससे 5 से 6 पेटी शराब मांगी थी, जो 14 और 15 सितंबर को उसके ढाबे से ली गई थी।

पुलिस ने आंवलाझरी से शराब की पेटियां टेम्पो में ले जाने वाले आरोपियों को भी पकड़ लिया है। 1000 फुटेज से हो रही पहचान, सूचना देने पर 10-10 हजार का इनाम एसपी ने साफ किया कि एफआईआर में नामजद जिन लोगों की संलिप्तता जांच में नहीं पाई जाएगी, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। 67 लोगों से पूछताछ के बाद उन्हें 'बॉन्ड ऑफ गुड बिहेवियर' भरवाकर परिजन को सौंप दिया गया है।

घटना से जुड़े करीब 1000 वीडियो फुटेज पुलिस को मिले हैं, जिनसे उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उपद्रव और तोड़फोड़ करने वालों की सही जानकारी देने वाले को 10-10 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि उपद्रव से पहले और बाद में योजनाबद्ध तरीके से भारी मात्रा में शराब बांटी गई थी।

घटना में शामिल जिन लोगों के चेहरे सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर नहीं आ रहे हैं, पुलिस अब उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। गांव-गांव बांटी गई शराब, यूपीआई और फोन-पे से हुआ भुगतान जांच में सामने आया है कि हिर्री, मुर्री, पानगांव, छोटा पानगांव और टेडवा शराब दुकानों से बड़ी मात्रा में शराब लाकर बांटी गई थी।

मुख्य आरोपी विकास डहाटे ने आंवलाझरी शराब दुकान से महेश टेकाम की पिकअप गाड़ी के जरिए 15 से 20 पेटी शराब उठवाई और गांव-गांव पहुंचाई। इसके लिए फोन-पे और यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट किया गया था। सीसीटीवी फुटेज में भी घटना से पहले और बाद में लोग दुकानों पर आकर पैर पड़ते और शराब ले जाते साफ दिखाई दे रहे हैं।

पूर्व सांसद पर जांच के बाद होगी कार्रवाई एसपी आदित्य मिश्रा ने साफ किया कि यह पूरा घटनाक्रम एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, ताकि इसका ठीकरा सामाजिक नेतृत्वकर्ताओं पर फोड़ा जा सके। एफआईआर में पूर्व सांसद का नाम आने और उनकी गिरफ्तारी के सवाल पर एसपी ने कहा कि पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड और घटना के वक्त उनकी मौजूदगी की जांच कर रही है।

साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और गिरफ्तारी होने पर उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

📡 स्रोत: NewsData.io

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