भोपाल

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस, खेती के साथ पशुपालन को बनाया जा रहा अतिरिक्त आय का आधार: डॉ मोहन यादव

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस, खेती के साथ पशुपालन को बनाया जा रहा अतिरिक्त आय का आधार: डॉ मोहन यादव

भोपाल/मैहर। मध्यप्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नीमच से मैहर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहित कर किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहना पड़े, बल्कि कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों के माध्यम से उनकी आय के नए रास्ते खुलें। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, वहीं आधुनिक और जैविक खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

किसानों के लिए आगामी रबी सीजन से दिन में 10 घंटे सिंचाई बिजली उपलब्ध कराने की घोषणा को मुख्यमंत्री ने किसानों की सुविधा और सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि इससे रात में खेतों की सिंचाई करने की परेशानी कम होगी। सरकार बिजली व्यवस्था के विस्तार और सुधार के साथ किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए भी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। धान की सरकारी खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने के साथ किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य और आवश्यकतानुसार बोनस सहित अन्य लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

उन्होंने मैहर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि स्लीमनाबाद टनल के शुरू होने से क्षेत्र में जल उपलब्धता और कृषि गतिविधियों को गति मिलेगी। मां नर्मदा के जल से मां शारदा की नगरी में अभिषेक का संकल्प भी उन्होंने साझा किया। सरकार का जोर धार्मिक और सांस्कृतिक विकास के साथ क्षेत्र में कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैहर के धार्मिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए विकास कार्य किए जा रहे हैं। मां शारदा लोक के निर्माण के साथ मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कृषि में नवाचार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया। उन्होंने किसानों द्वारा टमाटर, करेला सहित विभिन्न फसलों के उत्पादन और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल का उल्लेख किया। एक जिला-एक उत्पाद के तहत कृषि उत्पादों को प्रोत्साहित करने के साथ आने वाले समय में मैहर में फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित करने की बात भी कही गई।

बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों से संवाद किया और उन्हें आधुनिक तकनीक, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा कृषि से जुड़ी गतिविधियों को अपनाकर आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी लगाकर किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, समुन्नत पशु प्रजनन योजना, नंदीशाला योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने के प्रयासों के बारे में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में कहा कि दुग्ध, मुर्गी और बकरी पालन को प्रोत्साहित कर किसानों को अतिरिक्त आय के स्रोत मिलेंगे। यह कदम किसानों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उनकी आर्थिक स्थिति स्थिर होगी और कृषि पर निर्भरता कम होगी। आम जनता को इससे खाद्य सुरक्षा में सुधार, रोजगार के अवसर और ग्रामीण विकास की उम्मीद मिल सकती है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।