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किसानों से छोटे व्यापारियों तक, हर वर्ग को त्योहारी राहत देने के लिए जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को भेजे सात सुझाव

लेखक: Sanjida Khanam अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
किसानों से छोटे व्यापारियों तक, हर वर्ग को त्योहारी राहत देने के लिए जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को भेजे सात सुझाव

MSP पर 48 घंटे में भुगतान, छोटे व्यापारियों को ब्याजमुक्त ऋण, लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार कैलेंडर लागू करने की मांग

भोपाल, 6 नवंबर। दीपावली और धनतेरस के अवसर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश के किसानों, छोटे व्यापारियों, महिलाओं, युवाओं, मध्यम वर्ग और ग्रामीण श्रमिकों को आर्थिक राहत देने के लिए सात सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियां तभी सार्थक होंगी, जब प्रदेश के हर परिवार को आर्थिक सुरक्षा और खुशहाली का अवसर मिले।

पटवारी ने कहा कि प्रदेश का हर नागरिक अपनी सामर्थ्य के अनुसार त्योहार मनाने का प्रयास करता है। विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह सरकार का ध्यान ऐसे व्यावहारिक और जनहितैषी उपायों की ओर आकर्षित करे, जिनसे समाज के प्रत्येक वर्ग को राहत मिल सके। इसी उद्देश्य से उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने विभिन्न वर्गों से जुड़े सुझाव रखे हैं।

MSP पर समयबद्ध भुगतान की मांग

किसानों के मुद्दे पर पटवारी ने सोयाबीन और धान सहित प्रमुख फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और घोषित बोनस पर करने तथा किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। उन्होंने खरीदी केंद्रों पर भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनाने और उपज की खरीदी के 48 घंटे के भीतर राशि किसानों के खातों में पहुंचाने की मांग की।

छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग को मिले त्योहारी राहत

पटवारी ने स्थानीय बाजारों, कुम्हारों, हस्तशिल्पियों और छोटे दुकानदारों को प्रोत्साहित करने के लिए आसान शर्तों पर ब्याजमुक्त ऋण अथवा विशेष अनुदान योजना शुरू करने का सुझाव दिया। साथ ही घरेलू उपयोग की वस्तुओं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर स्थानीय करों एवं उपकर में राहत देने की मांग की, ताकि त्योहारों के दौरान आम उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहूलियत मिल सके।

महिलाओं की सहायता राशि बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने पर जोर

महिलाओं के लिए लाड़ली बहना योजना की सहायता राशि में समयबद्ध वृद्धि और योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई। वहीं, युवाओं के लिए लंबित सरकारी भर्तियों को तय समयसीमा में पूरा करने और भर्ती प्रक्रियाओं को व्यवस्थित बनाने के लिए निश्चित रोजगार कैलेंडर सख्ती से लागू करने का सुझाव दिया गया।

कुम्हारों और पारंपरिक कारीगरों को ₹10 हजार की सहायता

दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दीये और अन्य पारंपरिक उत्पाद बनाने वाले कुम्हारों तथा माटी कला बोर्ड से जुड़े कारीगरों को आर्थिक संबल देने के लिए पटवारी ने ₹10 हजार तक की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि इससे पारंपरिक कुटीर उद्योगों और स्थानीय कारीगरों को त्योहार के दौरान आर्थिक मदद मिल सकेगी।

बिजली बिलों में लेट फीस और सरचार्ज माफ करने की मांग

त्योहारी सीजन को देखते हुए छोटे दुकानदारों और घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर लगने वाली लेट फीस एवं सरचार्ज पूरी तरह माफ करने का सुझाव भी मुख्यमंत्री को भेजा गया है।

मनरेगा मजदूरी का तत्काल भुगतान और पलायन रोकने पर जोर

ग्रामीण श्रमिकों को राहत देने के लिए पटवारी ने मनरेगा के तहत लंबित मजदूरी का तत्काल भुगतान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समय पर मजदूरी मिलने से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा और मजबूरी में होने वाले पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।

लोक कलाकारों और सांस्कृतिक कर्मियों के लिए प्रोत्साहन पैकेज

प्रदेश की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय लोक कलाकारों एवं सांस्कृतिक कर्मियों के लिए विशेष त्योहारी प्रोत्साहन पैकेज घोषित करने का सुझाव दिया गया है। इससे पारंपरिक कला से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिल सकेगा।

पटवारी ने कहा कि दीपावली केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि खुशहाली, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। सरकार को केवल समस्याएं गिनाने तक सीमित न रहकर ऐसे फैसले लेने चाहिए, जिनसे प्रदेश आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और खुशहाल बन सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन सातों सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें लागू किया जाए, ताकि किसान, व्यापारी, महिलाएं, युवा और श्रमिक भी सम्मान एवं आर्थिक सुरक्षा के साथ त्योहार मना सकें।

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Sanjida Khanam

Sanjida Khanam डिजिटल हिंदी पत्रकारिता के साथ सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग में सक्रिय हैं।