किसानों-पशुपालकों तक लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश:गयाजी में विधानसभा अध्यक्ष ने की योजनाओं की समीक्षा, लंबित कार्यों की जानकारी ली
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बुधवार को गयाजी जिला अतिथि गृह सभागार में एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिले में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। अध्यक्ष ने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, लाभुकों को मिल रहे लाभ और लंबित कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
बैठक में डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ लाभुकों तक पहुंचना चाहिए। समीक्षा के दौरान जिला पशुपालन पदाधिकारी और जिला गव्य विकास पदाधिकारी से उनके विभागों की योजनाओं की जानकारी ली गई।
अधिकारियों ने पशुपालन, बकरी पालन, सुअर पालन, मुर्गी पालन और गाय पालन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। अध्यक्ष ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित इन योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि जरूरतमंद किसान और पशुपालक सरकारी सहायता का लाभ उठा सकें।
पशुपालन से जुड़ी योजनाओं को बार में अधिकारियों ने बताया जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि जिले में बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित हैं। 20+1 बकरी पालन योजना के लिए लगभग 2.42 लाख रुपए की लागत निर्धारित है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए 5 कट्ठा जमीन की आवश्यकता होती है, जिसमें लाभुकों को 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, 40+2, 100+5 और 500+25 बकरी पालन की योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि छोटे स्तर पर पशुपालन शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए 3 बकरी एवं 3 सुअर पालन योजना महत्वपूर्ण है।
इस योजना की कुल लागत लगभग 20 हजार रुपये है, जिसमें लाभुकों को 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। 'योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे' बैठक में मुर्गी पालन से संबंधित योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि ब्रॉयलर और लेयर मुर्गी पालन योजनाएं संचालित हैं, जिनमें लाभुकों को 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। इन योजनाओं से रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जिलाध्यक्ष डॉ.
प्रेम कुमार ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका सीधा असर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने पात्र लाभुकों के चयन में पारदर्शिता बरतने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।
गाय खरीद पर भी 50 प्रतिशत सरकारी सहायता जिला गव्य विकास पदाधिकारी ने गाय खरीद से संबंधित सरकारी योजना की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र लाभुकों को गाय खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। अध्यक्ष ने कहा कि दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों को प्रोत्साहित करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों को इस योजना से जोड़ा जाए। बैठक में पप्पू चंद्रवंशी, राजनंदन गांधी, कौशलेंद्र कुमार, धीरेंद्र धीरू, विकास कुमार, जितेंद्र कुमार, मुकेश चंद्रवंशी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि जिले में सरकारी योजनाओं के लाभ को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और विकास कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
📡 स्रोत: NewsData.io