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किशनगंज छड़छाड़ कांड-दोनों लड़के नहीं बचाते तो मारे जाते’:पीड़िता बोलीं-नंबर मांगने से शुरू हुआ विवाद, आरोपियों ने पूछा-तुम मुस्लिम, हिंदू लड़के के साथ क्या कर रही

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
किशनगंज छड़छाड़ कांड-दोनों लड़के नहीं बचाते तो मारे जाते’:पीड़िता बोलीं-नंबर मांगने से शुरू हुआ विवाद, आरोपियों ने पूछा-तुम मुस्लिम, हिंदू लड़के के साथ क्या कर रही

‘एक लड़का और उसके साथी मेरा मोबाइल नंबर मांग रहे थे। नंबर नहीं देने पर भीड़ में से एक लड़के ने मेरे मामा की बेटी का मोबाइल तोड़ दिया। मैंने पूछा कि इसका मोबाइल क्यों तोड़ा, तो उसने मेरे बाल पकड़ लिए और मारपीट करने लगा। दोनों हिंदू लड़के वहां नहीं रहते तो मैं मर जाती।’ किशनगंज के तुलसिया हॉल्ट के पास वायरल हुए वीडियो की पीड़िता ने घटना को याद करते हुए यह बात कही।

24 और 25 सितंबर की मध्यरात्रि सोशल मीडिया पर सामने आए 52 सेकंड के वीडियो में एक युवती और एक युवक को कुछ लोगों से घिरा देखा गया था। वीडियो में युवती के साथ कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी होती दिखाई दे रही थी। मामले में पुलिस ने अब तक चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी संतोष कुमार के अनुसार मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सिलसिलेवार पढ़िए, पूरी कहानी… रेलवे स्टेशन घूमने गई थी, तभी शुरू हुआ विवाद पीड़िता ने बताया कि घटना के दिन वह अपनी बहन के साथ रेलवे स्टेशन के पास गई थी। उसके मुताबिक वहां कई लड़के घूम रहे थे। इसी दौरान एक लड़का और उसके साथी उनसे मोबाइल नंबर मांगने लगे। पीड़िता ने बताया, ‘हम लोगों ने नंबर देने से मना किया और कहा कि चप्पल से मारेंगे।

इसी दौरान भीड़ में से एक लड़के ने मेरे मामा की बेटी का मोबाइल तोड़ दिया। मैंने उससे पूछा कि इसका मोबाइल क्यों तोड़ा?

इसके बाद उसने मेरे बाल पकड़ लिए।’ उसने कहा, ‘वह मेरे साथ मारपीट करने लगा और मेरा हाथ पकड़कर मुझे घसीटने लगा। उस समय वहां काफी लड़ाई हुई।’ ‘वसीम और विशाल बचाने आए थे’ पीड़िता ने वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे बाइक सवार युवक और दो अन्य युवकों को घटना में बेकसूर बताया है। उसने कहा, ‘जिस लड़के को बाइक पर बैठाया गया है, वह बेकसूर है।

बगल के दो लड़के भी बेकसूर हैं। केस में गलती से उनका नाम आ गया है।’ पीड़िता ने कहा, ‘वसीम और विशाल हम लोगों को बचाने आए थे। अगर ये दोनों लड़के वहां नहीं रहते तो ये लोग मुझे जान से मार देते।’ वह बार-बार यह बात कहती रही कि दोनों लड़के उसे बचाने के लिए वहां आए थे और उनकी घटना में गलती नहीं थी।

‘लड़के नशे में लग रहे थे’ पीड़िता ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उसे कुछ युवक नशे में लग रहे थे। उसने बताया कि लड़कों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और उसके साथ मौजूद युवक के बारे में भी सवाल पूछे। उसने कहा, ‘मुझे लग रहा था कि वे लड़के नशे में थे। इसके बाद लड़ाई और अभद्र व्यवहार करने लगे।

वे लोग पूछ रहे थे कि तुम प्यार करते हो?’ पीड़िता के मुताबिक वहां मौजूद एक हिंदू युवक लड़कों को रोक रहा था और घर जाने के लिए कह रहा था। वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान सलमान नाम के युवक ने वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी थी। उसने कहा, ‘आरोपी सलमान ने मुझे धमकी दी कि वीडियो बनाकर वायरल कर देंगे।’ पीड़िता ने घटना में शामिल सभी आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।

साथ ही उसने दो युवकों को बेकसूर बताते हुए कहा कि उन्होंने उसे बचाने की कोशिश की थी। 52 सेकंड के वीडियो में क्या दिखा?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को तुलसिया हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास का बताया जा रहा है। 52 सेकंड के वीडियो में एक युवती को कुछ युवक चारों तरफ से घेरे हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में दो युवक युवती के दोनों हाथ पकड़े हुए नजर आते हैं। युवती वहां से निकलने की कोशिश करती दिखाई देती है। वीडियो में बाइक पर बैठे युवक से भी कई सवाल पूछे जाते हैं।

सुनाई दे रही बातचीत में कुछ लोग युवक से उसका धर्म पूछते हैं और युवती के साथ उसकी मौजूदगी पर सवाल करते हैं। युवक और युवती के आपसी संबंधों को लेकर भी सवाल पूछे जाते हैं। वीडियो में कुछ लोग वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की बात कहते हुए भी सुनाई देते हैं। हालांकि वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस के अनुसार 24 और 25 सितंबर की मध्यरात्रि करीब 12:30 बजे सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसपी संतोष कुमार के निर्देश पर विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। SIT ने वीडियो का अवलोकन, तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय स्तर पर जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की गई। पुलिस के अनुसार मामले में पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें शहजाद (21), पिता शब्बीर, मिनाज उर्फ सलमान (22), पिता असफाक आलम और अफसर आलम (38), पिता तजेमुल शामिल हैं। तीनों दिघलबैंक थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन्हें 25 और 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद 27 सितंबर को चौथे नामजद आरोपी सहजाद (24), निवासी जागीर दहीभात, दिघलबैंक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद वह गुजरात में रह रहा था। तकनीकी ट्रैकिंग और लगातार दबिश के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच पुलिस के अनुसार घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

इसके लिए वीडियो फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद ली जा रही है। SIT संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो में दिखाई देने वाले और घटना में शामिल पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ साक्ष्य के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी बोले- मई की घटना का वीडियो सितंबर में वायरल हुआ किशनगंज एसपी संतोष कुमार ने कहा, ‘प्रारंभिक जांच में यह मामला छेड़खानी का नहीं पाया गया है।

जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि युवती अपनी बहन के साथ एक परिचित युवक से मिलने गई थी। हालांकि वायरल वीडियो में उसकी बहन दिखाई नहीं दे रही है।’ एसपी ने कहा, ‘सोशल मीडिया पर हाल में वायरल हुआ वीडियो पुराना है और घटना मई महीने की बताई जा रही है। पुलिस को वीडियो वायरल होने की सूचना मिलने के बाद तत्काल टीम भेजी गई और मामले की जांच शुरू की गई।’ उन्होंने कहा, ‘जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।’ एसपी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और मामले को लेकर अफवाह नहीं फैलाएं। पुलिस के अनुसार पीड़िता के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब तक चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मामले की जांच जारी है और जो भी व्यक्ति घटना में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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