'क्लास में गिरी वैष्णवी, बाहर चल रहा था DJ':बलरामपुर में 7 साल की बच्ची की मौत के बाद मालिक-ऑपरेटर गिरफ्तार; चौकी प्रभारी सस्पेंड
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →बलरामपुर में सोमवार 21 सितंबर को गणपति विसर्जन शोभायात्रा के दौरान तेज आवाज में बज रहे डीजे के बीच सात साल की वैष्णवी तिवारी स्कूल में अचानक गिर गई। शिक्षकों ने उसे संभाला, लेकिन कुछ ही देर बाद उसने दोबारा दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल डीजे की तेज आवाज को लेकर उठा।
हालांकि, बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। ऐसे में डॉक्टरों ने मौत की निश्चित चिकित्सकीय वजह बताने से इनकार किया। पुलिस भी अब तक यह दावा नहीं कर रही कि डीजे की आवाज ही मौत का कारण थी। उपलब्ध CCTV, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
10:58 बजे तक सामान्य थी बच्ची, फिर अचानक सीट से गिरी सोमवार सुबह डिवाइन पब्लिक स्कूल में रोज की तरह कक्षाएं चल रही थीं। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, करीब 10:58 बजे वैष्णवी कक्षा में सामान्य थी। वह पढ़ाई कर रही थी और हंस-बोल भी रही थी। इसी दौरान वह अचानक अपनी सीट पर गिर गई। करीब एक सेकंड बाद उसने खुद को संभाला और बैठ गई।
लेकिन कुछ ही देर बाद वह दोबारा गिरी। इस बार वह नहीं उठी। शिक्षकों ने तत्काल उसे संभाला और होश में लाने की कोशिश की। करीब दो मिनट तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। CCTV में कैद हुआ बच्ची के गिरने का पूरा घटनाक्रम घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में वैष्णवी कक्षा में बैठी दिखाई देती है।
इसके बाद वह अचानक गिरती नजर आती है। फुटेज में उसके दोबारा संभलने और फिर गिरने का दृश्य भी कैद हुआ है। CCTV घटना का क्रम तो दिखाता है, लेकिन इससे मौत का चिकित्सकीय कारण तय नहीं होता। पुलिस ने घटना से जुड़े फुटेज को जांच के लिए सुरक्षित कराया है। बाहर से आ रही थी डीजे की तेज आवाज, क्लास में कंपन की बात जिस समय बच्ची की तबीयत बिगड़ी, उसी दौरान स्कूल के पास से गणपति विसर्जन की शोभायात्रा गुजर रही थी।
उसमें डीजे बज रहा था। स्कूल की शिक्षिका इकरा खान के मुताबिक, बाहर डीजे की आवाज बढ़ने लगी थी और कक्षा में कंपन महसूस हो रहा था। इसी दौरान वैष्णवी की तबीयत बिगड़ी। हालांकि, यह बयान भी अपने आप में यह साबित नहीं करता कि बच्ची की मौत डीजे की आवाज के कारण हुई। चिकित्सकीय कारण स्पष्ट करने के लिए आवश्यक मेडिकल साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
डॉक्टर ने कहा- पोस्टमार्टम के बिना मौत की वजह तय करना मुश्किल जिला मेमोरियल अस्पताल के डॉक्टर के मुताबिक, बच्ची को इमरजेंसी में मृत अवस्था में लाया गया था। परिजनों ने बताया था कि स्कूल के सामने से विसर्जन जुलूस गुजर रहा था और डीजे बज रहा था। चूंकि बच्ची को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया और पोस्टमार्टम नहीं कराया गया, इसलिए मौत की वास्तविक वजह चिकित्सकीय रूप से निर्धारित नहीं हो सकी।
यही वजह है कि फिलहाल डीजे की तेज आवाज और बच्ची की मौत के बीच सीधा संबंध जांच का विषय है, स्थापित तथ्य नहीं। पुलिस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और उपलब्ध चिकित्सकीय जानकारी के आधार पर इसकी पड़ताल कर रही है। बच्ची की मौत के बाद डीजे पर पूर्ण रोक की मांग घटना के बाद बलरामपुर में धार्मिक जुलूसों और शोभायात्राओं में डीजे के इस्तेमाल को लेकर बहस तेज हो गई।
सर्वसमाज की बैठक में शोभायात्राओं और जुलूसों में डीजे पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग उठी। इसके साथ डीजे वाहनों के नगर में प्रवेश पर निगरानी, वाहन समेत मूर्ति की कुल ऊंचाई अधिकतम 12 फीट रखने और जुलूस मार्गों पर लटकते बिजली के तारों को पहले से व्यवस्थित करने जैसे प्रस्ताव रखे गए। संगठनों ने नियम तोड़ने वाले डीजे संचालकों, आयोजकों या वाहन मालिकों पर कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर डीजे जब्त करने की मांग की।
केंद्रीय गणपति महोत्सव समिति के 3 पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा घटना का असर गणपति महोत्सव की केंद्रीय समन्वय व्यवस्था पर भी पड़ा। केंद्रीय गणपति महोत्सव समन्वय समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ.
तुलशीष दूबे ने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ उपाध्यक्ष अमरीश शुक्ला और अंकुर चौहान के भी पद छोड़ने की बात सामने आई। डॉ.
दूबे ने कहा कि समिति का गठन करीब दस वर्ष पहले विभिन्न गणपति समितियों के बीच समन्वय और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से हुआ था। उन्होंने डीजे की तेज आवाज, देर रात तक विसर्जन और व्यवस्थाओं में कमी पर चिंता जताई। उनका कहना था कि समिति की ओर से निर्धारित ध्वनि सीमा में डीजे चलाने और रात में विसर्जन से बचने की अपील की जाती रही, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
पुलिस ने डीजे संचालकों की बैठक बुलाकर दिए निर्देश बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने डीजे संचालकों की बैठक भी बुलाई। कोतवाली नगर में हुई बैठक में प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने संचालकों को रात 10 बजे के बाद डीजे नहीं बजाने के निर्देश दिए। निर्धारित ध्वनि सीमा में ही डीजे चलाने, बेस का अनावश्यक इस्तेमाल नहीं करने और ओवरहाइट डीजे से बचने की हिदायत दी गई।
संचालकों को ध्वनि संबंधी न्यायालय और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने को कहा गया। पुलिस ने कहा कि तेज आवाज से बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। धार्मिक आयोजन की खुशियां किसी दूसरे के लिए परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए। बुधवार रात डीजे मालिक और ऑपरेटर गिरफ्तार बुधवार को मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बालाजी हाईटेक डीजे के मालिक चंद्र प्रकाश वर्मा और ऑपरेटर रामपाल सैनी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, डिवाइन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक आशीष कुमार उपाध्याय की तहरीर पर कोतवाली नगर में BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बताई गई UP-43 BT-5995 पिकअप, डीजे साउंड सिस्टम और संबंधित उपकरण भी बरामद किए हैं। CCTV को जांच में शामिल किया पुलिस ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज को सुरक्षित कराया है।
फुटेज के जरिए यह देखा जा रहा है कि विसर्जन यात्रा किस समय स्कूल के पास पहुंची, उस समय डीजे की स्थिति क्या थी और बच्ची की तबीयत बिगड़ने से पहले और बाद में क्या घटनाक्रम हुआ। पुलिस इसी आधार पर घटनाओं की कड़ी जोड़ रही है। फिलहाल जांच का अहम बिंदु यही है कि डीजे की आवाज और बच्ची की तबीयत बिगड़ने के बीच क्या कोई कानूनी और चिकित्सकीय संबंध स्थापित होता है।
चौकी प्रभारी सस्पेंड, इंस्पेक्टर को नोटिस मामले में पुलिस की स्थानीय निगरानी पर भी कार्रवाई हुई है। मेवालाल चौकी प्रभारी शैलेंद्र कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा को पर्यवेक्षण में शिथिलता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यह कार्रवाई एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देश पर की गई। एक बच्ची की मौत ने चार बड़े सवाल खड़े किए सोमवार को स्कूल की कक्षा में अचानक गिरी सात वर्षीय बच्ची की मौत से शुरू हुआ घटनाक्रम बुधवार तक पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक सख्ती तक पहुंच गया। इस पूरे मामले में चार सवाल सबसे अहम हैं— फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
डीजे सिस्टम और वाहन बरामद किए गए हैं। CCTV समेत दूसरे साक्ष्यों की जांच जारी है। बच्ची का अंतिम संस्कार भी हो चुका है, इसलिए मौत के चिकित्सकीय कारण को लेकर उपलब्ध साक्ष्य सीमित हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
संगीत की धुनें जीवन की लय को बदल सकती हैं, पर जब तेज आवाज़ें बच्चों की नाजुक धड़कनों को चुभती हैं, तो समाज को अपनी जिम्मेदारी याद करनी चाहिए। आयोजकों को ध्वनि स्तर नियंत्रित करना, श्रोताओं को सुरक्षित दूरी पर रखना और आपातकालीन प्रोटोकॉल तैयार रखना अनिवार्य है। इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि हर बच्चे का जीवन अनमोल है, और उसकी सुरक्षा के लिए हम सबको मिलकर सक्रिय कदम उठाने चाहिए।