कोलंबो में टीम इंडिया के ना जीत पाने की 3 सबसे बड़ी वजह, गंभीर के फैसले ने डुबोई लुटिया

कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट ड्रा पर समाप्त हुआ, जबकि भारत ने पहली पारी 503/9 पर घोषित की थी. पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम अगर 5 सेशन खेल जाए, 500 से ज्यादा रन बना लें तो फिर माना जाता है कि जीत पक्की है. इस मैच में तो भारत ने फॉलो-ऑन भी दिया था, लेकिन फिर भी शुभमन गिल एंड टीम इसे जीत नहीं पाई.
इसका एक नुकसान ये भी हुआ कि भारत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पांचवें स्थान पर ही है. हार के कारणों की चर्चा करें तो गौतम गंभीर की रणनीति पर भी सवाल उठेंगे. कुलदीप यादव को बाहर करना पड़ा भारी
पहले टेस्ट के बाद ही ये खबर आ गई थी कि दूसरे टेस्ट में कुलदीप यादव की जगह सारांश जैन को खिलाया जा सकता है. हुआ भी ऐसा ही, हालांकि कारण ये बताया गया कि कुलदीप की तबियत खराब है.
अगर उन्हें ड्राप किया गया, तो ये एक गलत फैसला था. एक मुख्य स्पिनर को बाहर करके ऑलराउंडर को लाना सही फैसला नहीं था. वैसे भी उनकी जगह आए सारांश जैन कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए. शुभमन गिल का डिफेंसिव रवैया
चौथे दिन जब पासिंदु सूर्याबंदारा और कामिंदु मेंडिस ने शतकीय साझेदारी की, तब भारतीय फील्डिंग बहुत डिफेंसिव हो गई थी, जबकि कप्तान गिल को ज्यादा आक्रामकता दिखनी चाहिए थी. पूर्व क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने भी चौथे दिन इसका जिक्र किया था.
उन्होंने सोनी स्पोर्ट्स पर कहा कि, "लंच और टी-ब्रेक के बीच कप्तान के तौर पर शुभमन गिल का टेस्ट हुआ. वह बहुत जल्दी डिफेंसिव हो गए थे. श्रीलंका ने काउंटर अटैक किया तो भारत हैरान हो गया. जबकि यहां आपको हिम्मत दिखानी थी. गेंदबाजों को डिफेंसिव होने के बजाय विकेट लेने के लिए प्रोत्साहित करें."
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📡 स्रोत: ABP Live Khel