खेल

कोटा में अखिल भारतीय मलखंभ प्रतियोगिता का आगाज

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कोटा में अखिल भारतीय मलखंभ प्रतियोगिता का आगाज

कोटा विश्वविद्यालय परिसर के खेल संकुल में अखिल भारतीय अंतर्विश्वविद्यालय मलखंभ पुरुष प्रतियोगिता शुरू हुई। इस प्रतियोगिता में देश के 60 विश्वविद्यालयों के 350 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

28 अक्टूबर,कोटा। कोटा विश्वविद्यालय परिसर के खेल संकुल में अखिल भारतीय अंतर्विश्वविद्यालय मलखंभ पुरुष प्रतियोगिता का आगाज हुआ। कोटा विश्वविद्यालय और भारतीय विश्वविद्यालय संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के 60 विश्वविद्यालयों के 350 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

प्रतियोगिता में खिलाड़ी अपने कौशल, संतुलन, शक्ति और शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। उद्घाटन समारोह में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर सहित कई जनप्रतिनिधि और शिक्षाविद मौजूद रहे। कोटा विश्वविद्यालय परिसर का खेल संकुल इन दिनों खेल प्रतिभाओं से गुलजार है। यहां अखिल भारतीय अंतर्विश्वविद्यालय मलखंभ पुरुष प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ।

प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए 60 विश्वविद्यालयों के 350 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

30 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। मलखंभ जैसे पारंपरिक भारतीय खेल के जरिए खिलाड़ी शारीरिक संतुलन, लचीलापन, ताकत और एकाग्रता का प्रदर्शन करेंगे।

प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र में राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत, विधायक कल्पना देवी, विधायक संदीप शर्मा और कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर विमला डूंगवाल सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। आयोजन के जरिए विश्वविद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को मंच देने और पारंपरिक भारतीय खेलों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। देशभर के विश्वविद्यालयों से आए खिलाड़ियों की भागीदारी ने प्रतियोगिता को राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया है।

मलखंभ भारत का एक प्राचीन पारंपरिक खेल है। इसमें खिलाड़ी लकड़ी के खंभे या रस्सी के सहारे शरीर का संतुलन बनाते हुए विभिन्न योगासन, जिम्नास्टिक जैसी मुद्राएं और कठिन शारीरिक करतब प्रस्तुत करते हैं। इस खेल में शारीरिक शक्ति के साथ लचीलापन, संतुलन, एकाग्रता और तकनीकी कौशल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

नियमित अभ्यास और अनुशासन के जरिए खिलाड़ी इन कौशलों में दक्षता हासिल करते हैं। कोटा में आयोजित यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा और खेल अनुभव साझा करने का अवसर भी प्रदान कर रही है। अब प्रतियोगिता के आगामी मुकाबलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खेल प्रेमियों की नजर रहेगी।

हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री कल्पना देवी, विधायक

प्रो. विमला डूंगवाल, कुलगुरु, कृषि विश्वविद्यालय

सतनेश कुमार मीणा, खिलाड़ी

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।