कोटा नगर निगम में ACB का ट्रैप, ₹10 हजार लेते संविदाकर्मी गिरफ्तार
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नगर निगम कोटा के बाहर ACB ने संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को ₹10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में दूसरा संविदाकर्मी नरेश वर्मा मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
कोटा, 5 अक्टूबर। नगर निगम कोटा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक संविदाकर्मी को ₹10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। वहीं कार्रवाई की भनक लगते ही मामले में शामिल दूसरा संविदाकर्मी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
ACB के अनुसार परिवादी ने शिकायत दी थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए मिली ₹50 हजार की पहली किश्त में से नगर निगम के संविदाकर्मी अखिलेश मीणा और नरेश वर्मा द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। रिश्वत नहीं देने पर आगामी किश्तें स्वीकृत नहीं होने देने की धमकी देने का भी आरोप है।
शिकायत के बाद ACB ने रिश्वत मांग का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान अखिलेश मीणा द्वारा ₹10 हजार और नरेश वर्मा द्वारा ₹5 हजार रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक कोटा रेंज ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ACB कोटा विजय स्वर्णकार के निर्देशन और पुलिस उप अधीक्षक अनिष अहमद के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई।
ट्रैप के दौरान नगर निगम कोटा के बाहर संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को परिवादी से ₹10 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी नरेश वर्मा मौके से फरार हो गया। ACB टीम उसकी तलाश में जुटी है।
ACB द्वारा गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और मामले में आगे की जांच की जा रही है।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
रिश्वतखोरी की इस घटना से यह सिखने को मिलता है कि भ्रष्टाचार के शिकार और अपराधी दोनों ही समाज के लिए हानिकारक हैं। यदि कोई रिश्वत मांगता है, तो उसे तुरंत अधिकारियों को सूचित करना चाहिए; यदि कोई रिश्वत देता है, तो उसे कानूनी रास्ते चुनना चाहिए। समाज को पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति अपनानी चाहिए, ताकि ऐसे कृत्य न केवल रोके जाएँ, बल्कि नागरिकों में विश्वास भी बना रहे।